अंबिकापुर। दूसरों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनका इस्तेमाल संदिग्ध लेन-देन के लिए किए जाने के मामले में कोतवाली पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने एक व्यक्ति को जरूरी काम का झांसा देकर उसके नाम पर नया सिम कार्ड और दो बैंक खाते खुलवाए। इसके बाद खातों की पासबुक, एटीएम और चेकबुक अपने कब्जे में लेकर उनमें लाखों रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन किए गए।
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी ज्ञानेन्द्र पाण्डेय मूल रूप से डीपाडीह कला, थाना शंकरगढ़ का रहने वाला है और वर्तमान में नमनाकला में रहता है। वह आरोपी आयुष सिन्हा के गोधनपुर स्थित निर्माणाधीन मकान में मुंशी-सुपरवाइजर का काम करता था। इसी दौरान आरोपी उसे जरूरी काम का बहाना बनाकर अपने साथ ले गया और उसके नाम पर नया सिम कार्ड लिया। इसके बाद बैंक ऑफ महाराष्ट्र और केनरा बैंक, बनारस चौक शाखा में उसके नाम से दो खाते खुलवाए गए।
आरोप है कि खाते खुलने के बाद आरोपी ने दोनों खातों की पासबुक, एटीएम कार्ड और चेकबुक अपने पास रख लिए। जब प्रार्थी ने अपने दस्तावेज वापस मांगे तो आरोपी लगातार उसे टालता रहा। बाद में प्रार्थी को पता चला कि उसके नाम से खोले गए बैंक खातों में लाखों रुपये के संदिग्ध और अवैध ट्रांजेक्शन किए जा रहे हैं।
मामले की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने अपराध क्रमांक 528/25 के तहत धारा 419, 420 भादवि एवं 238 बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा, उम्र 32 वर्ष, निवासी सत्तीपारा, अम्बिकापुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी ने बैंक खातों और दस्तावेजों के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं दी। पुलिस ने आरोपी को प्रकरण में सहयोग नहीं करने और साक्ष्य छिपाने का प्रयास करने के आधार पर धारा 238 बीएनएस भी जोड़ी। अपराध में संलिप्तता के साक्ष्य मिलने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
पुलिस ने बताया कि आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों और धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है।

