अम्बिकापुर/सूरजपुर। जिले के दतिमा गांव में जानकी फ्यूल्स के पास स्थित शर्मा होटल लंबे समय से अवैध शराब की बिक्री का केंद्र बन चुका है। अंग्रेजी शराब यहां खुलेआम और महंगे दामों में बेची जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ़ दिख रहा है कि कैसे ग्राहक सीधे होटल में जाकर बियर या व्हिस्की की बोतल मांगते हैं और एक लड़का द्वारा उन्हें तुरंत शराब उपलब्ध कराई जाती है। वीडियो में एक महिला कुर्सी पर बैठी दिखाई दे रही है, लेकिन उसकी बिक्री में कोई सक्रिय भागीदारी नहीं दिखी।
यह तथ्य स्थानीय लोगों के लिए कोई नई बात नहीं है। दतिमा और आसपास के गांवों में यह सच जगजाहिर है कि शराब कहीं मिले या न मिले, लेकिन शर्मा होटल में हर समय शराब मिल जाएगी। शराब के इस खुलेआम धंधे के बावजूद नजदीकी करंजी पुलिस चौकी लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई करने में नाकाम रही है।
सूत्रों का कहना है कि पुलिस को यह पता है कि उक्त होटल में अवैध तरीके से अंग्रेजी शराब बिक्री की जाती है। इसके बदले सेटिंग की बात भी सामने आती है, ये चर्चा आम है। शायद यही कारण है कि प्रशासनिक कार्रवाई का नामोनिशान तक नहीं दिख रहा। क्षेत्र के युवाओं और शराब प्रेमियों के लिए यह दुकान एक आसान पहुँच वाला विकल्प बन चुकी है।
पुलिस विभाग हमेशा दावा करता है कि अवैध शराब और नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई की जा रही है, लेकिन वास्तविकता इससे विपरीत है। पुलिस चौकी से छः किलोमीटर के भीतर ही शराब का धंधा जारी है और कोई पकड़ या छापा नहीं हुआ।
इस अवैध कारोबार के कारण न केवल युवा प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि कई परिवार बर्बाद हो रहे हैं। नाबालिग, छात्र और युवा शराब के जाल में फंस रहे हैं, लेकिन पुलिस और आबकारी विभाग की खामोशी इसे और गहरा बना रही है। वायरल वीडियो में ग्राहक सीधे शराब मांगते हैं और उन्हें तुरंत उपलब्ध कराई जाती है।
सूत्रों के मुताबिक़, यह अवैध धंधा लंबे समय से चल रहा है और, शायद इसमें पुलिस और संबंधित अधिकारियों तक पैसा पहुंचता है। यही वजह है कि किसी भी स्तर पर कार्रवाई नहीं हो रही। अगर ये आरोप सही हैं, तो प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी बनती है कि वे तत्काल कदम उठाकर इन सवालों का जवाब दें।
हाल ही में सामने आई एक घटना इस स्थिति को और स्पष्ट करती है। पड़ताल न्यूज को जानकारी मिली है कि, कुछ दिन पहले देर रात करंजी पुलिस की गश्त टीम ने शर्मा होटल के पास तीन लड़कों को पकड़ा, जो नशे में थे और उनसे रात्रि गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों ने मौके पर लगभग 2500 नकद रुपए ले लिए। उन लड़कों का आरोप है कि, पुलिसकर्मियों ने उनसे कहा कि, यहां शराब लेने आए हो। इतनी रात में नशे में घूम रहे हो। उन्हें अगले दिन आधार कार्ड लेकर पुलिस चौकी आने को कहा गया। यह घटना स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि जब पुलिस को होटल में अवैध शराब मिलने की जानकारी है, तो भी कार्रवाई करने में हिचक क्यों दिखाई जा रही है।
यह मामला सिर्फ अवैध शराब का नहीं, बल्कि कानून और प्रशासनिक जवाबदेही का है। यदि पुलिस और आबकारी विभाग ने अब कार्रवाई नहीं की, तो यह अवैध कारोबार और नशे की समस्याओं को और बढ़ाएगा। नागरिक और युवा इस मामले पर लगातार नजर रखे हुए हैं। प्रशासन और पुलिस को अब साबित करना होगा कि कानून सभी के लिए समान है और कोई भी अवैध गतिविधि कानूनी छूट के साथ नहीं चलेगी।

