सरगुजा। खनिज विभाग के संचालक रजत बंसल (IAS) के निर्देशानुसार केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता की संयुक्त टीम को प्राप्त शिकायतों के आधार पर 22 जून को औचक निरीक्षण एवं जांच अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर एवं सरगुजा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध खनिज परिवहन के मामलों का खुलासा हुआ।
संयुक्त जांच दल ने जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के देवखोल तथा जिला सूरजपुर के ग्राम केरता स्थित महान नदी क्षेत्र का निरीक्षण किया। जांच के दौरान जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के ग्राम बरबसपुर में निम्न श्रेणी के चूना पत्थर से भरे दो हाइवा, जिला सूरजपुर के ग्राम लटोरी में साधारण रेत से भरा एक हाइवा, ग्राम खड़गवां में रेत से भरा एक टिप्पर, जिला सरगुजा के ग्राम सकालो में एक टिप्पर तथा अंबिकापुर क्षेत्र में रेत से भरे दो टिप्पर अवैध परिवहन करते पाए गए।

खनिज विभाग की टीम ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत कार्रवाई करते हुए अवैध परिवहन में संलिप्त कुल सात वाहनों को जब्त कर संबंधित निकटवर्ती थानों में सुरक्षार्थ खड़ा कराया।
इधर कार्रवाई के दौरान अंबिकापुर के गांधी चौक के पास एक रेत से भरे टिप्पर को रोककर जांच की जा रही थी। वाहन मालिक लड्डन खान, चालक सोनू टोप्पो तथा दो अन्य सहयोगियों ने जांच दल के साथ गाली-गलौज और धमकी दी तथा वाहन को मौके से भगाकर ले गए। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित 4 से 5 आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत थाना गांधीनगर एफआईआर दर्ज कराई गई है।

गौरतलब हैं कि खनिज विभाग यह कार्रवाई कोरिया जिले में हुए हत्या कांड के बाद तेज नजर आ रही हैं। खनिज विभाग के द्वारा कड़ाई से नियमों का पालन करवाया जाता है तो इस तरह से खनिज माफिया बेलगाम नहीं होते। लेकिन अवैध खनिज माफिया खनिज विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी के ऊपर गाड़ी चढ़ाने से भी कोई गुरेज नहीं कर रहे। जिसका जीता जागता उदाहरण बीती रात अंबिकापुर शहर के गांधी चौक में देखने को मिला है। अब देखना होगा कि सरकार का आगे क्या रुख अपनाती हैं।

