PEKB कोल परियोजना के तहत वर्षों से लगातार जंगलों की कटाई जारी है। इसके बावजूद, एक और कोल परियोजना PCB के लिए भी एक चरण की कटाई पूरी हो चुकी है, और यह परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है।

वहीं, Kete_extention परियोजना के लिए भी पेड़ों पर मार्किंग का काम शुरू हो चुका है।

सीधे शब्दों में कहें तो उदयपुर ब्लॉक का पर्यावरण विनाश की कगार पर है। लाखों पेड़ पहले ही काटे जा चुके हैं, और लाखों और कटने को तैयार हैं। इस व्यापक कटाई से पर्यावरण पर गहरा असर पड़ेगा—गर्मियों में बेतहाशा वृद्धि होगी, धूल और धुएं से ग्रामीणों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।

इन परियोजनाओं से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं पर भी चर्चा जरूरी है, जैसे कि मकान, बाड़ी, जमीन और पेड़ों के मुआवजे में हो रही गड़बड़ियां। इस विषय पर विस्तार से चर्चा हमारे आगामी चार एपिसोड में की जाएगी। बने रहें!

