मध्यप्रदेश रायसेन: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध रायसेन किले में स्थित प्राचीन शिव मंदिर के कपाट खोल दिए गए। यह मंदिर अपनी विशेष परंपरा के कारण चर्चित है, क्योंकि सालभर में केवल एक बार, महाशिवरात्रि के दिन, ही इसके द्वार भक्तों के दर्शन हेतु खोले जाते हैं। इस ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के मंदिर में शिव भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा है, और पूरे क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का माहौल बना हुआ है।
12वीं शताब्दी का प्राचीन मंदिर
ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण 12वीं शताब्दी में हुआ था, और 1543 तक यहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना होती थी। लेकिन इतिहास में आए कुछ बदलावों के कारण मंदिर के कपाट वर्षभर के लिए बंद कर दिए गए। हालांकि, वर्षों बाद चली एक विशेष मुहिम के चलते अब महाशिवरात्रि के दिन कुछ घंटों के लिए मंदिर खोला जाता है और भगवान शिव का अभिषेक किया जाता है।
भक्तों की भारी भीड़, भव्य आयोजन
हर साल शिवरात्रि के दिन मंदिर के कपाट खुलते ही भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ता है। इस वर्ष भी सुबह से ही हजारों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए कतारबद्ध हो गए। मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई, और दूध, जल, बेलपत्र और धतूरा चढ़ाकर भगवान शिव का अभिषेक किया गया।
ऐतिहासिक धरोहर और पर्यटन स्थल
रायसेन का यह शिव मंदिर केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यह चर्चित पर्यटन स्थल रायसेन फोर्ट के पास स्थित है, जिससे यहां आने वाले सैलानी इस मंदिर को भी देखने के लिए पहुंचते हैं।
भक्ति और आस्था का प्रतीक
हर साल महाशिवरात्रि पर इस मंदिर के कपाट खुलते ही भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिलता है। 364 दिन बंद रहने वाले इस मंदिर के दर्शन मात्र से भक्त स्वयं को धन्य मानते हैं। इस अवसर पर पूरे रायसेन क्षेत्र में भक्तिमय माहौल, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है, जो यहां की धार्मिक परंपराओं को और भी मजबूत करता है।

