जशपुर। जिले के गम्हरिया क्षेत्र में अघोर आश्रम के पास मिले 75 वर्षीय बुजुर्ग बलराम उरांव के अंधे कत्ल की गुत्थी को जशपुर पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के कुशल मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। ग्राम पंडरीपानी निवासी अरविंद कुजूर (40 वर्ष) और सुखनाथ बड़ा (50 वर्ष) ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने मुखबिरों और ग्रामीणों से सघन पूछताछ की। जांच में पता चला कि बीती 29 अप्रैल की रात मृतक बलराम और दोनों आरोपी गम्हरिया में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। रात करीब 8:30 बजे वापस लौटते समय बलराम उरांव बिना किसी स्पष्ट कारण के अपनी गुलेल से दोनों आरोपियों पर पत्थर चलाने लगा। इस अप्रत्याशित हमले से आक्रोशित होकर अरविंद और सुखनाथ ने पास ही रखे सरई लकड़ी के भारी टुकड़ों (फाड़ी) से बुजुर्ग पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में गंभीर चोट लगने के कारण बलराम की मौके पर ही मौत हो गई, जिसके बाद आरोपी साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से शव को सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए थे।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1) के तहत प्रकरण दर्ज किया था। फॉरेंसिक साक्ष्यों और कड़ी पूछताछ के बाद आरोपियों ने हत्या की पूरी कहानी बयां कर दी। इस सफल कार्रवाई में जशपुर थाना प्रभारी मोर ध्वज देशमुख, उपनिरीक्षक भागवत नायकर, सायबर सेल प्रभारी नसरुद्दीन अंसारी और प्रधान आरक्षक अनंत मिराज की भूमिका सराहनीय रही।

