अंबिकापुर। सरगुजा जिले के कलेक्टर अजीत वसंत ने अपने कार्यकाल के लगभग छह महीनों में प्रशासनिक कार्यों की गति और कार्यशैली से अलग पहचान बनाई है। जिले में लगातार निरीक्षण, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के कारण उनकी कार्यशैली चर्चा का विषय बनी हुई है। इसी क्रम में 26 जून को मोहर्रम के सार्वजनिक अवकाश के दिन भी कलेक्टर अजीत वसंत कार्यालयीन कार्यों में व्यस्त दिखाई दिए, जिससे उनकी कार्यनिष्ठा और जिम्मेदारी के प्रति समर्पण एक बार फिर सामने आया।

आमतौर पर सार्वजनिक अवकाश के दिन अधिकांश सरकारी कार्यालयों में कामकाज सीमित हो जाता है और अधिकारी-कर्मचारी छुट्टी का लाभ उठाते हैं। लेकिन सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने अवकाश के दिन भी अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए यह संदेश दिया कि प्रशासनिक जिम्मेदारियां केवल कार्यालय समय तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि जनता के हित सर्वोपरि होते हैं।
बीते छह महीनों के दौरान जिले में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल, निरीक्षण और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली में सुधार के प्रयास देखने को मिले हैं। कलेक्टर की सक्रियता और नियमित मॉनिटरिंग का असर कई योजनाओं के क्रियान्वयन में भी दिखाई दिया है। यही कारण है कि उनकी कार्यशैली को लेकर आम लोगों के बीच भी सकारात्मक चर्चा हो रही है।
छुट्टी के दिन भी कार्यालयीन कार्यों में जुटे रहने की यह तस्वीर बताती है कि कलेक्टर अजीत वसंत अपने दायित्वों के प्रति कितने गंभीर हैं। जिले के कई लोगों का मानना है कि सरगुजा को ऐसे ही सक्रिय और कर्मठ प्रशासनिक नेतृत्व की आवश्यकता है, जो हर परिस्थिति में जनता और जिले के विकास को प्राथमिकता दे।

