अंबिकापुर। अंबिकापुर से लगे ग्राम अजिरमा में कांग्रेस समर्थित जिला पंचायत प्रत्याशी सरिता पैकरा और उनके कार्यकर्ताओं को मंदिर में प्रवेश से रोकने का मामला सामने आया है। आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें मंदिर में जाने से रोका और उनके साथ दुर्व्यवहार किया। इस घटना के बाद कांग्रेस नेताओं ने देर रात ही अंबिकापुर के ट्राइबल थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए एफआईआर की मांग की।
क्या है मामला?
मंगलवार शाम जिला पंचायत अध्यक्ष मधु सिंह और जिला पंचायत क्रमांक 1 की प्रत्याशी सरिता पैकरा चुनाव प्रचार के बाद अंबिकापुर लौट रही थीं। उनके साथ उनके पति और कुछ कार्यकर्ता भी थे। रास्ते में वल्लभ राधा कृष्ण मंदिर देखकर वे दर्शन के लिए रुके।
जैसे ही वे मंदिर के अंदर प्रवेश करने लगे, तभी एक व्यक्ति ने उन्हें रोकते हुए कहा कि यहां भाजपा का कार्यक्रम चल रहा है और कांग्रेस के लोगों को प्रवेश की इजाजत नहीं है।
सरिता पैकरा ने आरोप लगाया कि इस दौरान उनकी जाति को लेकर भी अपमानजनक टिप्पणी की गई और उनके साथ गलत व्यवहार किया गया। इससे आहत होकर वे बाहर से ही भगवान का दर्शन कर लौट आईं।
उन्होंने कहा, “मैं एक हिंदू आदिवासी हूं और सनातन धर्म की परंपराओं का पालन करती हूं। लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिस तरह हमें मंदिर में प्रवेश करने से रोका, वह बेहद निंदनीय है। हमने इस घटना की शिकायत दर्ज करा दी है और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।”
कांग्रेस ने किया विरोध, 24 घंटे में कार्रवाई की मांग
इस मामले में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने कहा कि “मंदिर आस्था का केंद्र होता है, किसी को भी वहां जाने से नहीं रोका जा सकता। भाजपा का यह रवैया निंदनीय है। अगर 24 घंटे के भीतर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तो आदिवासी समाज और कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी।”
अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और भाजपा इस पर क्या सफाई देती है।

