जशपुर। उड़ीसा से छत्तीसगढ़ के रास्ते बड़े पैमाने पर गांजा तस्करी की साजिश रची गई थी। तस्करों को शायद अंदाजा भी नहीं था कि इस बार उनके हर कदम पर पुलिस की नजर है। मुखबिर की एक सटीक सूचना ने ऐसा जाल बिछाया कि करोड़ों रुपये की तस्करी का खेल बीच रास्ते में ही खत्म हो गया।
पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत जशपुर पुलिस ने एक ही दिन में दो अलग-अलग कार्रवाई करते हुए 552.16 किलोग्राम गांजा, तीन कारें और दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। बरामद गांजा और वाहनों की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 20 लाख 82 हजार 400 रुपये आंकी गई है।

पहला ऑपरेशन थाना कुनकुरी क्षेत्र में हुआ। सूचना थी कि उड़ीसा से एक इनोवा कार में भारी मात्रा में गांजा लेकर तस्कर अंबिकापुर की ओर बढ़ रहे हैं। पुलिस ने नाकेबंदी की, लेकिन जैसे ही कार को रोकने का प्रयास किया गया, चालक तेज रफ्तार से भाग निकला। पुलिस ने पीछा किया तो चालक जंगल का सहारा लेकर फरार हो गया। जब कार की तलाशी ली गई तो डिक्की से 295 पैकेटों में भरा 311.35 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।
उधर, इसी दौरान थाना बगीचा और नारायणपुर पुलिस को दूसरी सूचना मिली। इस बार दो कारें एक ब्रेजा और दूसरी आर्टिगा संदिग्ध गतिविधियों में शामिल थीं। पुलिस ने घेराबंदी की। ब्रेजा का चालक वाहन छोड़कर जंगल में भाग निकला, लेकिन आर्टिगा पुलिस के शिकंजे में आ गई। जांच में सामने आया कि आर्टिगा में बैठे दो युवक तस्करों के लिए रेकी कर रहे थे, ताकि पुलिस की गतिविधियों की जानकारी मुख्य तस्करों तक पहुंचाई जा सके।

पुलिस ने दोनों आरोपियों सचिन्द्र राउत (29) और मोहम्मद समीर (26), दोनों निवासी सुंदरगढ़ (उड़ीसा) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने तस्करी में अपनी भूमिका स्वीकार की। ब्रेजा और आर्टिगा से कुल 240.810 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।
दोनों मामलों में पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत अपराध दर्ज किया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
जशपुर पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक नशे के खिलाफ अभियान के दौरान 1,269 किलोग्राम से अधिक गांजा, हजारों नशीली कफ सिरप, ब्राउन शुगर, गांजा के पौधे और नशीले इंजेक्शन जब्त किए जा चुके हैं। 33 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है तथा तस्करी में इस्तेमाल 14 वाहन भी जब्त किए गए हैं।

