सरगुजा। अंबिकापुर से एक दर्दनाक और गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर स्थित संकल्प हॉस्पिटल में कार्यरत एक आदिवासी महिला गार्ड की मौत जेनरेटर में डीजल डालने के दौरान हो गई।
जानकारी के मुताबिक 2 अप्रैल को महिला गार्ड जेनरेटर में डीजल डालने गई थी। इसी दौरान उसका दुपट्टा जेनरेटर के पंखे में फंस गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान 4 अप्रैल को दोपहर करीब 3 बजे उसकी मौत हो गई।
मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि महिला गार्ड की ड्यूटी जेनरेटर संचालन की नहीं थी और न ही उसे इस काम के लिए किसी प्रकार की ट्रेनिंग दी गई थी। ऐसे में बिना प्रशिक्षण के यह काम करवाना ही हादसे की बड़ी वजह बना।
इधर अस्पताल प्रबंधन ने घटना पर दुख जताते हुए कहा है कि मृतका के एक परिजन को उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी दी जाएगी। साथ ही 4-5 साल की बच्ची की पढ़ाई का पूरा खर्च अस्पताल उठाएगा और 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर उसे भी रोजगार देने की बात कही गई है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल पुलिस को सूचना नहीं दी। महिला की मौत के बाद ही पुलिस को जानकारी दी गई। फिलहाल मणिपुर थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

