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अम्बिकापुर, छत्तीसगढ़। होली का त्योहार रंगों, खुशियों और आपसी भाईचारे का प्रतीक है, लेकिन हर साल इस दौरान कुछ ऐसी घटनाएं भी सामने आती हैं, जिनमें लड़कियों और महिलाओं के साथ जबरन होली खेलने, रंग लगाने या छेड़छाड़ जैसी आपत्तिजनक गतिविधियां देखने को मिलती हैं। ऐसी घटनाएं न केवल सामाजिक मर्यादाओं को ठेस पहुंचाती हैं, बल्कि कानूनन अपराध की श्रेणी में भी आती हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार Surguja Police ने होली से पहले ही सख्त रुख अपनाया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति किसी लड़की या महिला को उसकी इच्छा के बिना जबरदस्ती रंग लगाता है या होली खेलने के लिए दबाव बनाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, महिलाओं के साथ जबरन होली खेलना या रंग लगाना भारतीय दंड संहिता/नवीन आपराधिक कानून की धारा 79 के तहत अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज किया जा सकता है और उसे कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है। पुलिस ने यह भी साफ किया है कि “मजाक” या “त्योहार” के नाम पर की गई किसी भी तरह की जबरदस्ती को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Surguja पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि होली को शांति, सौहार्द और सम्मान के साथ मनाएं। किसी भी लड़की या महिला के साथ रंग लगाने से पहले उसकी स्पष्ट सहमति लेना जरूरी है। अगर कोई महिला असहज महसूस करती है या शिकायत दर्ज कराती है, तो पुलिस तुरंत कार्रवाई करेगी।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि होली खुशियों का त्योहार है, डर और असहजता का नहीं। इसलिए सभी नागरिक जिम्मेदारी से व्यवहार करें, कानून का पालन करें और यह सुनिश्चित करें कि त्योहार की खुशियां किसी के लिए परेशानी या भय का कारण न बनें।

