सरगुजा, छत्तीसगढ़। देशभर में 26 जनवरी को 77वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास और राष्ट्रभक्ति के साथ मनाया गया। सुबह से ही सरकारी दफ्तरों, शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर तय समय के अनुसार तिरंगा फहराया गया। लेकिन इसी बीच सीतापुर विधानसभा के विधायक राम कुमार टोप्पो और स्वयं को संविधान का जानकार बताने वाले वकील डीके सोनी का ध्वजारोहण अब विवादों में आ गया है।

मामला मैनपाट स्थित वकील डीके सोनी के तथास्तु रिसॉर्ट का है, जहां गणतंत्र दिवस के अवसर पर दोनों ने मिलकर शाम करीब 4 बजे तिरंगा फहराया। यह वही विधायक राम कुमार टोप्पो हैं जो खुद को पूर्व सैनिक और कट्टर देशभक्त बताते हैं, वहीं डीके सोनी मंचों से संविधान और कानून की व्याख्या करते नजर आते हैं। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि जब कानून और संविधान की इतनी जानकारी होने का दावा किया जाता है, तो फिर राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े नियमों की अनदेखी कैसे हुई।
भारतीय ध्वज संहिता के अनुसार गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण सूर्योदय के बाद और सूर्यास्त से पहले किया जाना चाहिए। आम परिस्थितियों में शाम के समय ध्वजारोहण की अनुमति नहीं होती, जब तक कि इसके लिए किसी सक्षम प्राधिकारी से विशेष अनुमति न ली गई हो। तथास्तु रिसॉर्ट में शाम 4 बजे किए गए ध्वजारोहण को लेकर अब यही सवाल उठ रहा है कि क्या इसके लिए किसी तरह की अनुमति ली गई थी या फिर नियमों को नजरअंदाज कर दिया गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब आम नागरिकों से राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और नियमों के पालन की अपेक्षा की जाती है, तो जनप्रतिनिधियों और कानून के जानकारों को इसका उदाहरण पेश करना चाहिए। लेकिन यहां स्थिति इसके ठीक उलट दिखाई दे रही है। यही कारण है कि यह ध्वजारोहण अब चर्चा और आलोचना का विषय बन गया है।
संविधान और देशभक्ति की बात करने वालों द्वारा ही तिरंगे के नियमों को लेकर लापरवाही बरते जाने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस मामले पर प्रशासन की ओर से कोई स्पष्टीकरण या कार्रवाई सामने आती है या नहीं।
इस मामले को लेकर जब हमने सीतापुर विधानसभा के विधायक राम कुमार टोप्पो से बात करने की कोशिश की तो उनका फोन आउट ऑफ नेटवर्क था।

