जांजगीर-चांपा जिले के मुलमुला थाना क्षेत्र के आरसमेटा गांव में 12वीं कक्षा के छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने से इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतक छात्र की पहचान 18 वर्षीय कमलेश जायसवाल के रूप में हुई है, जिसने अपने घर में पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।घटना की जानकारी परिजनों को सुबह करीब 9 बजे मिली, जिसके बाद मुलमुला पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस जांच में मृतक के पास से सात पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें न्यूवोको पब्लिक स्कूल के प्राचार्य सुमंतो विश्वास और शिक्षक अनुपम पाल पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
सुसाइड नोट में छात्र ने लिखा है कि लंबे समय से मानसिक उत्पीड़न के कारण उसकी स्थिति खराब हो गई थी और न्याय न मिलने के कारण उसने यह कदम उठाया। उसने अपनी मौत के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

परिजनों का आरोप है कि 11वीं कक्षा में अच्छे अंक लाने के बावजूद कमलेश को दो विषयों में सप्लीमेंट्री कर दिया गया और उत्तर पुस्तिका की पुनः जांच की मांग भी ठुकरा दी गई। मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर उसने दूसरे स्कूल में दाखिला ले लिया था, लेकिन इसके बावजूद भी पुराने स्कूल के शिक्षक उसके खिलाफ अनर्गल टिप्पणियां करते रहे।
घटना से नाराज परिजन और ग्रामीणों ने सुबह करीब 11 बजे शव को सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया और दोषी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई, पीड़ित परिवार को मुआवजा तथा एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। सूचना पर मुलमुला पुलिस, तहसीलदार और राजस्व अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश दी।
करीब पांच घंटे चले चक्का जाम के बाद न्यूवोको प्रबंधन ने शाम 4 बजे स्कूल के प्राचार्य और संबंधित शिक्षक को सेवा से पृथक करने की घोषणा की और कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद चक्का जाम समाप्त किया गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पामगढ़ भेजा गया। पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट के आधार पर पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

