अम्बिकापुर- सरगुजा जिले में शराब मिलावट का धंधा पूर्व की कांग्रेस सरकार से शुरुआत हुई और इसकी आंच भाजपा सरकार तक आ गई है। छत्तीसगढ़ सरकार के लिए शराब की टैक्स से कमाई का मुख्य स्रोत माना जाता है। लेकिन शराब प्रेमियों के लिए बड़ी दुखद खबर है कि शराब में मिलावट का धंधा जिले में जोरों पर चल रहा है। मिलावटी शराब पीने की मजबूरी शराब प्रेमियों के लिए बन गई है।
एक साल पुरानी बोतल को नया समझकर बेचा गया
इस दोनों बोतल को देखिए इस दोनों बोतल में अलग-अलग दिन, महीने और साल लिखे हुए हैं। जिसमें साफ तौर पर पता चल रहा है कि इस बैच की शराब की बोतल पिछले साल ही खत्म हो गई थी। लेकिन यह बोतल कहा से आई। इधर मिलावटी शराब की बोतल देखकर शराब प्रेमी ने शराब की बोतल दुकान में वापस किया तो मौजूदा समय की बैच नंबर वाली दूसरी शराब की बोतल दे दिया गया।

शराब प्रेमियों के लिए एक दुखद सच्चाई
शराब में मिलावट को रोकने के लिए ऊपर से नीचे तक अधिकारियों की ड्यूटी लगी हुई है। बावजूद इसके शासकीय शराब दुकान में मिलावटी शराब बेचकर पूरा दाम लिया जा रहा है। ऐसे में शराब प्रेमियों को बड़ी दुखद के साथ कहना पड़ सकता है कि आप मिलावटी शराब पीते रहिए और सरकार का खजाना इसी मिलावटी शराब से भरते रहिए न जाने वह दिन कब आएगा। जब शराब प्रेमियों को बिना मिलावट की शराब जिले में मिलने लगेगी।

मिलावटी शराब की बिक्री पर आबकारी विभाग की नाकामी
ये कोई पहला मामला नही जहां शराब प्रेमियों को एक्सपाईरी डेट की और मिलावटी शराब परोसी गई हो पहले भी मिलावटी शराब परोसे जाने की घनटा सामने आ चुकी हैं, वही शराब ठेके में मिल रही मिलावटी शराब की जानकारी आबकारी विभाग को भी कई बार दी गई पर आजतक आबकारी विभाग के द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नही गई यही कारण हैं की शराब ठेंको में बिनी कीसी डर के धडल्ले से शराब के नाम पर जहर लोगो के तक पहुंचाया जा रहा हैं
22 मार्च शनिवार को सचिव सह आबकारी आयुक्त श्रीमती आर. संगीता ने ली आबकारी विभाग की संभागस्तरीय समीक्षा बैठक भी ली लेकिन बैठक में सिर्फ 2025-26 के लिए देशी-विदेशी मदिरा की फुटकर मदिरा दुकानों की आबकारी नीति के अंतर्गत व्यवस्थापन के लिए आवश्यक निर्देश ही दिए गए, लेकिन एक्सपाईरी शराब और मिलावटी शराब को लेकर किसी भी तरह की कोई भी चर्चा नही की गई, एक्सापाईरी शराब के बिक्री की शिकायत जिले के कलेक्टर विलास भोसकर सहित आबकारी अधिकारियों तक भी कर दी गई है। लेकिन कार्यवाही के नाम पर हमेशा की तरह सिर्फ खानापुर्ति के देखे जाने अनुमान हैं अब देखना होगा की सरकार सिर्फ शराब दुकानों को बढ़ाने में अपना साऱा ध्यान देती हैं या शराब कु शुद्धता और गुणवत्ता पर भी कोई ध्यान देती हैं

