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अम्बिकापुर। शहर के चर्चित और विवादों में रहे संदीप त्रिपाठी के दयानिधि हॉस्पिटल पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगे हैं। इस बार बलरामपुर जिले के एक युवक ने आरोप लगाया है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत निःशुल्क इलाज का लाभ मिलने का भरोसा दिलाने के बावजूद उससे इलाज के नाम पर 3 लाख 80 हजार रुपये की अवैध वसूली की गई। इतना ही नहीं, इलाज के बाद भी उसका पैर ठीक नहीं हो सका और वह आज दिव्यांग जीवन जीने को मजबूर है।

पीड़ित आनंद कुमार सिंह के अनुसार उसका सड़क हादसा बलरामपुर जिले में हुआ था, जिसमें उसके पैर में गंभीर चोट आई थी। दुर्घटना के बाद उसे उपचार के लिए अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। युवक का आरोप है कि इलाज के दौरान दयानिधि हॉस्पिटल से जुड़े कथित एजेंट मेडिकल कॉलेज पहुंचे और उसे बेहतर इलाज तथा आयुष्मान कार्ड के माध्यम से निःशुल्क उपचार का भरोसा देकर दयानिधि हॉस्पिटल ले गए।

पीड़ित का कहना है कि अस्पताल पहुंचने के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई। आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद उससे इलाज के नाम पर कुल 3 लाख 80 हजार रुपये लिए गए, जबकि अस्पताल की ओर से केवल 80 हजार रुपये का ही बिल उपलब्ध कराया गया। शेष राशि किस मद में ली गई, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने उसे यह कहकर मानसिक रूप से डराया कि यदि महंगी और ब्रांडेड दवाइयों का उपयोग नहीं किया गया तो उसका पैर काटना पड़ सकता है। इस डर के कारण उसने अस्पताल की मांग के अनुसार भुगतान किया, लेकिन इसके बावजूद उसका पैर पूरी तरह ठीक नहीं हो सका और वह आज भी विकलांगता की स्थिति में है।

युवक ने यह भी आरोप लगाया कि भारी रकम वसूलने के बावजूद उसके इलाज में निम्न गुणवत्ता की दवाओं का इस्तेमाल किया गया, जिससे उसे अपेक्षित लाभ नहीं मिला। अब पीड़ित ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उससे वसूली गई राशि वापस दिलाने की मांग की है।
पीड़ित अपने हक की लड़ाई के लिए कलेक्टर जनदर्शन से लेकर स्वास्थ्य विभाग के बड़े कार्यालय तक चक्कर काट चुके है ,वजूद इसके पीड़ित की समस्या जस की तास बनी हुई है पीड़ित अभी भी दिव्यांगता की स्थिति में है और इलाज के नाम पर ली गई लाखों रुपए का भी युवक को कोई हिसाब नहीं मिल सका, लेकिन अब पीड़ित दिव्यांगता की ओर चले जाने से मुफलिसी में जीने को मजबूर है।

दयानिधि हॉस्पिटल पर इससे पहले भी आयुष्मान योजना में कथित अनियमितताओं और मरीजों से अवैध वसूली जैसे आरोप लग चुके हैं। ताजा मामला सामने आने के बाद एक बार फिर अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

