कबीरधाम: जिले परसवाड़ा गांव में हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें 6 पुरुषों को अपनी निर्वाचित पत्नियों की जगह शपथ लेते हुए देखा गया। इस घटना ने महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों पर उनके वास्तविक प्रतिनिधित्व पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

टी.एस. सिंहदेव ने जताई नाराजगी
पूर्व डिप्टी सीएम टी.एस. सिंहदेव ने इस घटना पर नाराजगी जाहिर करते हुए एक्स (Twitter) पर लिखा “क्या ऐसे मिलेगा महिलाओं को प्रतिनिधित्व? महिला दिवस के दिन ऐसी खबरें अत्यंत दुखद हैं। संविधान महिलाओं को नेतृत्व और प्रतिनिधित्व का अधिकार देता है, लेकिन यदि पुरुष उन पदों पर कब्जा करने लगें, तो आम महिलाओं का उत्थान कैसे होगा? यह अपराध है—दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और निर्वाचित महिलाओं को उनके अधिकारों व जिम्मेदारियों के लिए सही मार्गदर्शन मिलना चाहिए।
जिला प्रशासन ने सचिव को किया निलंबित
इस ममामले में विवाद बढ़ने के बाद जिला प्रशासन ने गांव के सचिव को निलंबित कर दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि त्रिस्तरीय पंचायती राज प्रणाली में ऐसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है, जिससे पुरुष अपनी निर्वाचित पत्नियों की ओर से शपथ ले सकें। वही शपथ ग्रहण की जांच वीडियो के आधार पर की जा रही हैं।
इसको लेकर गांव में जारी है बहस
परिवारों का कहना है कि छह निर्वाचित महिलाओं में से चार किसी अंतिम संस्कार में शामिल होने गई थीं, जबकि दो महिलाएं सार्वजनिक रूप से शपथ लेने में संकोच कर रही थीं। हालांकि, यह मामला सिर्फ परसवाड़ा तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों पर इस तरह की प्रथा कई अन्य क्षेत्रों में भी देखी जाती है। लेकिन यह घटना महिला सशक्तिकरण की वास्तविक स्थिति पर सवाल खड़े करती है। ऐसे मामलों में प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई और महिलाओं को स्वतंत्र रूप से नेतृत्व संभालने के लिए प्रेरित करने की जरूरत है।

