बलरामपुर: छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने बलरामपुर-रामानुजगंज के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) मनीराम यादव को पद से हटा दिया है। मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार उन्हें तत्काल प्रभाव से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परसा (विकासखंड अंबिकापुर, जिला सरगुजा) में प्राचार्य पद पर पदस्थ किया गया है। वहीं, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के शासकीय हाई स्कूल कोराचा के प्राचार्य नरेंद्र कुमार निरापुरे को बलरामपुर-रामानुजगंज का नया प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया है।

मनीराम यादव पर हाल ही में शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत लगभग ₹4.57 करोड़ के बजट में से ₹4.51 करोड़ की सामग्री खरीदी में गंभीर वित्तीय गड़बड़ी के आरोप लगे थे। कलेक्टर द्वारा गठित जांच समिति ने इन अनियमितताओं की पुष्टि करते हुए कार्रवाई और निलंबन की अनुशंसा की थी। इसके साथ ही कार्यालयीन कार्यप्रणाली और आरटीआई मामलों के निपटारे को लेकर भी शिकायतें सामने आई थीं।

उनका प्रशासनिक रिकॉर्ड पहले भी विवादों से जुड़ा रहा है। वर्ष 2016 में लुंड्रा बीईओ रहते हुए जांच और ऑडिट में ₹2.42 करोड़ से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितता और प्रभार छोड़ने के बाद भी ₹5.53 लाख आहरण का मामला सामने आया था, जिसमें उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर निलंबन प्रस्तावित किया गया था। इसके बाद वर्ष 2022 में बगीचा बीईओ पद पर पदस्थापना के दौरान महिला स्व-सहायता समूहों से मध्यान्ह भोजन राशि में आठ प्रतिशत कमीशन मांगने के आरोप में उन्हें 5 अगस्त 2022 को निलंबित किया गया था। वहीं, मई 2025 में बगीचा में एक भृत्य के पेंशन प्रकरण को लंबित रखने की शिकायत पर सरगुजा आयुक्त ने उन्हें निलंबित किया था।
मनीराम यादव अलग-अलग मामलों में चार बार निलंबित रह चुके हैं, जबकि आधिकारिक दस्तावेजों में 2016, 2022 और 2025 की कार्रवाइयां स्पष्ट रूप से दर्ज हैं। लगातार विवादों और जांच समिति की रिपोर्ट के बाद राज्य शासन ने आखिरकार उन्हें प्रशासनिक पद से हटाते हुए मूल शाला में भेज दिया है।

