अंबिकापुर। अनुसूचित जनजाति की जमीन के कथित फर्जीवाड़े और अवैध अंतरण के मामले में सरगुजा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वांछित आरोपी आजाद इराकी को रायपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर विवादित जमीन का करीब 40 लाख रुपये में सौदा करने का आरोप है। यह कार्रवाई मणीपुर थाना, साइबर सेल और रायपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने की।

मामला अंबिकापुर के प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास स्थित खसरा नंबर 3714 की जमीन से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक यह जमीन नगर निगम के मास्टर प्लान 2021 और तालाबों की शासकीय सूची में दर्ज करीब 6.25 एकड़ तालाब क्षेत्र का हिस्सा है। स्थानीय लोगों द्वारा इस क्षेत्र का उपयोग निस्तारी, स्नान और छठ पूजा जैसे धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों के लिए किए जाने की बात जांच में सामने आई है।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि उक्त भूमि वर्ष 1954-55 से पूर्व के राजस्व अभिलेखों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के भू-स्वामी जैलाल पिता बोधन गोड़ के नाम दर्ज थी। आरोप है कि आरोपियों ने मिलीभगत कर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराया और दूसरे व्यक्ति जयलाल पिता देवराम की वंशावली एवं नामांतरण संबंधी दस्तावेजों का दुरुपयोग कर खुद को जमीन का वारिस बताया।
इसके बाद विक्रेता चंद्रशेखर यादव सहित अन्य सह-खातेदारों के साथ मिलकर अनुसूचित जनजाति की भूमि का गैर-अनुसूचित जनजाति के नाम पर कथित रूप से अवैध अंतरण कराया गया और फर्जी बैनामा तैयार कर जमीन का सौदा किया गया।
कलेक्टर कार्यालय सरगुजा द्वारा कराई गई जांच के आधार पर मिली शिकायत के बाद मणीपुर थाना में अपराध क्रमांक 168/26 दर्ज किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के निर्देशन में मणीपुर थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी आजाद इराकी के संबंध में तकनीकी जानकारी मिली, जिसके आधार पर रायपुर पुलिस की मदद से उसके संभावित ठिकाने पर दबिश दी गई।
पुलिस के अनुसार, रायपुर से पकड़े गए आरोपी ने पूछताछ में अपना नाम आजाद इराकी, पिता रियाजुद्दीन इराकी, उम्र 43 वर्ष, निवासी मस्जिद मोहल्ला जयनगर, जिला सूरजपुर बताया। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने अपने मेमोरेंडम कथन में विवादित जमीन के दस्तावेज फर्जी और कूटरचित होने की जानकारी होने के बावजूद करीब 40 लाख रुपये में जमीन का सौदा करने की बात स्वीकार की है।
पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी आजाद इराकी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। मामले में शामिल अन्य सह-आरोपियों के फरार होने की जानकारी पुलिस ने दी है, जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण में आगे की वैधानिक विवेचना जारी है।

