सरगुजा, छत्तीसगढ़। किसानों को शासन द्वारा निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार संचालक कृषि राहुल देव (IAS), संयुक्त संचालक कृषि सरगुजा संभाग यशवंत केराम, कलेक्टर विलास भोस्कर और उपसंचालक कृषि अंबिकापुर पिताम्बर सिंह दीवान के मार्गदर्शन में जिले के निजी उर्वरक विक्रय केन्द्रों से 40 बोरी से अधिक यूरिया लेने वाले किसानों का सत्यापन किया जा रहा है।

उर्वरक निरीक्षक सोहन लाल भगत और अन्य अधिकारियों द्वारा किए गए सत्यापन में खुलासा हुआ कि अंबिकापुर स्थित मेसर्स विजय ट्रेडिंग कम्पनी उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और उर्वरक मूवमेंट नियंत्रण आदेश 1973 का उल्लंघन कर रही थी। किसानों के बयान और निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर उपसंचालक कृषि एवं अधिसूचित प्राधिकारी (उर्वरक) पिताम्बर सिंह दीवान ने कम्पनी की खुदरा उर्वरक विक्रय अनुज्ञप्ति क्रमांक B/R-249 (दिनांक 02 मई 2022, वैधता तिथि 31 मार्च 2027) को आगामी आदेश तक निलंबित कर दिया।

लाइसेंस निलंबन के बाद कृषि विभाग की टीम ने कम्पनी के दुकान और गोदाम में रखे सभी उर्वरकों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाते हुए जब्ती की कार्रवाई की। प्रोपराइटर सुमित अग्रवाल की मौजूदगी में दुकान और गोदाम को सील कर दिया गया।
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इस कार्रवाई के दौरान अनुविभागीय कृषि अधिकारी अम्ब्रोस टोप्पो, उर्वरक निरीक्षक सोहन लाल भगत, श्वेता पटेल और अजय बड़ा उपस्थित रहे।

