अंबिकापुर: नगर निगम क्षेत्र की बदहाल सड़क आमजनों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। बारिश के सीजन में जर्जर सड़क पर चलना अंबिकापुर वासियों के लिए खतरनाक स्टंट से कम नही है।खस्ताहाल सड़क से त्रस्त अंबिकापुर की जनता भाजपा की शहर सरकार को कोस रही है। लेकिन असल जिम्मेदारों से न तो सवाल पूछा जा रहा और न ही वे सामने आ रहे है।
अखिल कौन है वो अंबिकापुर नगर निगम का जिम्मेदार जिनके कारनामों की वजह से पूरी शहर की जनता जान हथेली में रख खस्ताहाल सड़क पर चलने को मजबूर है?
दरअसल इन दिनों नगर निगम अंबिकापुर में पदस्थ एक साहब “टेंडर प्रक्रिया” को लेकर चर्चा में बने हुए। साहब के कारनामें की वजह से नगर निगम सरकार की फजियत हो रही है और जनता परेशान है। साहब का पहले परिचय जान लीजिए इसके बाद हम आपको बताएंगे आप साहब की वजह से परेशान क्यों है?
साहब का नाम है “संतोष रवि” साहब नगर निगम अंबिकापुर में “प्रभारी कार्यपालन अभियंता” के पद पर पदस्थ है। संतोष रवि को नगर निगम क्षेत्र के जर्जर सड़कों को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी दी गई है। ताकि शहर की जनता को जर्जर सड़क की समस्या से निजात मिल सके और टैक्स चुकाने वाली जनता अच्छी सड़क पर सुरक्षित चल सके। लेकिन साहब है कि सड़क बनाने का नाम ही नही ले रहे है। जबकि सड़क बनाने के लिए 22 अप्रैल से शुरू हुई टेंडर प्रक्रिया अबतक पूरी नही हो सकी है। यही नही साहब टेंडर प्रकिया को पूरा करने के बजाये कोई न कोई पेंच फसा कर 3 बार टेंडर को निरस्त भी कर चुके है। जिसका खामियाजा शहर की जनता को उठाना पर रहा है। ऐसे में प्रभारी कार्यपालन अभियंता संतोष रवि की कार्यशैली पर सवाल उठ रहें है।

5 जोन में बांटी गई सड़क अब तक नही हुई टेंडर की प्रक्रिया पूरी
अंबिकापुर की सड़कों को दुरुस्त करने के लिए शहर की सड़कों को 5 जोन में बांटा गया है। जबकि सड़कों के सुधार कार्य के लिए 6 करोड़ रुपए राज्य सरकार ने आबंटित किया है। राशि का आबंटन बारिश के पहले हो चुका है और सड़क बनाने की जिमेदारी फुल फ्लैश कार्यपालन अभियंता के रहते हुए प्रभारी कार्यपालन अभियंता संतोष रवि को दी गई है। नगर निगम के प्रभारी कार्यपालन अभियंता संतोष रवि के द्वारा पहली बार सड़क निर्माण कार्य के लिए 22 अप्रैल को ऑनलाइन टेंडर अपलोड किया गया और 14 मई को ओपन करने के बाद निरस्त कर दिया गया। वही 9 जून को फिर टेंडर लगाया गया और एक जुलाई को टेंडर भरने की प्रक्रिया होनी थी लेकिन इस दौरान भी टेंडर भरने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। जबकि एक बार फिर 9 जुलाई को ऑनलाइन टेंडर लगा दिया गया। चर्चा है कि साहब अपने चहेते को टेंडर देने के लिए बार-बार पेंच फसा रहे हैं। साहब के कारनामे की वजह से सड़क तो नहीं बनी साथ ही टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो सकी है जबकि जनता परेशान हैं।

कौन है प्रभारी कार्यपालन अभियंता संतोष रवि
अंबिकापुर नगर निगम में 2 कार्यपालन अभियंता पदस्थ है। जबकि फुल फ्लैश कार्यपालन अभियंता के रहते हुए संतोष रवि को कार्यपालन अभियंता का प्रभार दे दिया गया है। कांग्रेस शासन काल के दौरान भी संतोष रवि का नाम खूब सुर्खियों में था। प्रदेश में भाजपा की सरकार आते ही सरकार से जुड़े लोगों की शिकायत पर संतोष रवि का तबादला कोरबा कर दिया गया। लेकिन इनके रसूक और पहुंच के आगे बड़े-बड़े नेता भी साहब के सामने सरेंडर बोल दिए। कोरबा तबादले के कुछ महीने बाद ही संतोष रवि ने अपना दोबारा अंबिकापुर तबादला करा लिया। जबकि इनकी पहुंच और पकड़ इतनी तगड़ी की साहब नगर निगम में प्रभारी कार्यपालन अभियंता बन गए। अब एक बार फिर अंबिकापुर नगर निगम में प्रभारी कार्यपालन अभियंता के रूप में जमे संतोष रवि न तो टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर रहे है और ना ही लोगों को जानलेवा सड़क की समस्या से निजात मिल रहा है।

