{"remix_data":[],"remix_entry_point":"challenges","source_tags":[],"origin":"unknown","total_draw_time":0,"total_draw_actions":0,"layers_used":0,"brushes_used":0,"photos_added":0,"total_editor_actions":{},"tools_used":{"square_fit":1,"effects":1},"is_sticker":false,"edited_since_last_sticker_save":true,"containsFTESticker":false}
सड़कों पर बिखरा घर का सामान, आंखों में बेबसी—बुलडोजर के साए में उजड़े 39 परिवारों के सपने
सरगुजा, छत्तीसगढ़। अंबिकापुर के गंगापुर इलाके में आज का दिन कई परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया। जहां कभी बच्चों की हंसी गूंजती थी, वहां अब सन्नाटा और मलबा पसरा हुआ है। सरकारी जमीन पर बने 39 मकानों को तोड़ने के लिए प्रशासन ने बुलडोजर एक्शन शुरू कर दिया है।
मेडिकल कॉलेज के पास बसे इन घरों में वर्षों से रह रहे लोग आज अचानक बेघर होने की कगार पर खड़े हैं। प्रशासन का कहना है कि ये सभी मकान अवैध रूप से सरकारी जमीन पर बनाए गए थे और पहले ही नोटिस जारी कर खाली करने के निर्देश दिए जा चुके थे।

सुबह होते ही गंगापुर में हलचल तेज हो गई। भारी पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। ASP, SDM, तहसीलदार और कई थानों के प्रभारी मौजूद रहे, ताकि कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
जैसे ही दो बुलडोजर मौके पर पहुंचे, लोगों के दिलों की धड़कनें तेज हो गईं। कई परिवारों ने अपने घरों से सामान निकालकर सड़कों पर रख दिया। कोई बर्तन समेट रहा था, तो कोई बच्चों की किताबें… हर चेहरे पर बेबसी साफ झलक रही थी।

कुछ लोगों की आंखों में आंसू थे, तो कुछ प्रशासन से मोहलत की गुहार लगाते नजर आए। लेकिन बुलडोजर की गूंज के सामने किसी की आवाज सुनाई नहीं दी। देखते ही देखते दीवारें गिरने लगीं और सपनों का आशियाना मलबे में तब्दील हो गया।
यह कार्रवाई एक बार फिर कई सवाल खड़े कर रही है—क्या इन परिवारों के पास रहने का कोई दूसरा ठिकाना है? क्या पुनर्वास की कोई व्यवस्था की गई है? या फिर ये लोग अब खुले आसमान के नीचे जिंदगी बिताने को मजबूर होंगे?
अंबिकापुर का गंगापुर आज सिर्फ एक कार्रवाई का गवाह नहीं बना, बल्कि उन टूटते सपनों की कहानी बन गया, जहां एक झटके में 39 परिवारों की दुनिया उजड़ गई।

