अंबिकापुर। न्यायालय में फर्जी पट्टा, आधार कार्ड और कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर आरोपियों की जमानत कराने वाले गिरोह के खिलाफ सरगुजा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी जरूरतमंद आरोपियों से संपर्क कर पैसे लेते थे और फर्जी दस्तावेजों के जरिए न्यायालय में उनकी जमानत करवाते थे।
पुलिस के अनुसार, 11 सितंबर 2026 को कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग फर्जी पट्टा और आधार कार्ड के माध्यम से न्यायालय में आरोपियों की जमानत कराने के लिए पहुंचे हैं। सूचना को वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लेते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के निर्देश पर कार्रवाई शुरू की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रितेश चौधरी और नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर राहुल बंसल के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम को मौके पर भेजा गया।
पुलिस टीम ने मुखबिर के बताए हुलिए के आधार पर कला केंद्र मैदान के चबूतरे के पास घेराबंदी कर पांच संदिग्धों को पकड़ा। पूछताछ में उनकी पहचान बुधराम गोंड, अजय मानिकपुरी उर्फ जयलाल, रामेश्वरी यादव, दशमेत गोंड और ममता पैकरा उर्फ बिलासो के रूप में हुई।
पुलिस ने जब संदिग्धों से फर्जी पट्टों के संबंध में पूछताछ की तो उन्होंने अपनी स्कूटी की डिक्की में दस्तावेज रखे होने की जानकारी दी। तलाशी के दौरान स्कूटी से पांच किसान पट्टा और एक आधार कार्ड बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक दस्तावेजों पर प्रथम दृष्टया फर्जी सील और हस्ताक्षर नहीं पाए गए, जिसके बाद संदेह और गहरा गया।
पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि इन फर्जी पट्टों का इस्तेमाल न्यायालय में जरूरतमंद आरोपियों को तलाशकर उनसे पैसे लेकर जमानत कराने में किया जाता था। पुलिस के अनुसार, फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराने वाले राज जायसवाल को भी हिरासत में लिया गया।
पुलिस पूछताछ में राज जायसवाल और बुधराम गोंड द्वारा शशिभूषण सिंह, निवासी नवापारा अंबिकापुर, से फर्जी पट्टा बनवाने की जानकारी दिए जाने के बाद पुलिस ने शशिभूषण सिंह को भी हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने कई लोगों की जमानत फर्जी पट्टे के माध्यम से कराने की बात स्वीकार की है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच फर्जी पट्टा, फर्जी आधार कार्ड, छह मोबाइल फोन, एक होंडा एक्टिवा स्कूटी, एक लैपटॉप, दो प्रिंटर, की-बोर्ड और माउस जब्त किया है। पुलिस ने मामले में थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 639/26 के तहत बीएनएस की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 319(2) और 61(2) के तहत अपराध दर्ज किया है। सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
सरगुजा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि बिना जान-पहचान के किसी व्यक्ति को जमानत के लिए अपना पट्टा या ऋण पुस्तिका न दें। पुलिस ने लोगों से ऐसे दस्तावेजों के दुरुपयोग से सावधान रहने और फर्जीवाड़े का शिकार होने से बचने की अपील की है।

