नई दिल्ली: सड़क दुर्घटना में घायल लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। मार्च 2025 से घायलों को ₹1.5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। यह नियम सरकारी और प्राइवेट दोनों अस्पतालों के लिए अनिवार्य होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के एक अधिकारी ने बताया कि इस योजना का मकसद दुर्घटना के बाद पहले घंटे, यानी ‘गोल्डन आवर’ में तुरंत इलाज उपलब्ध कराना है, ताकि जानलेवा मामलों को कम किया जा सके।

कैशलेस इलाज की सुविधा
योजना के तहत जैसे ही पुलिस या कोई आम नागरिक घायल को अस्पताल पहुंचाएगा, उसका इलाज तुरंत शुरू हो जाएगा। इसके लिए कोई शुल्क जमा करने की जरूरत नहीं होगी। सरकारी और निजी अस्पतालों को कैशलेस इलाज प्रदान करना होगा।

कब शुरू हुई योजना?
14 मार्च 2024 को सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस ट्रीटमेंट योजना की शुरुआत की गई थी। इसके बादब7 मार्च, 2025 को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसे पूरे देश में आधिकारिक रूप से लागू करने की घोषणा की।
क्यों जरूरी है यह योजना?
सड़क दुर्घटनाओं के बाद पहले एक घंटे को महत्वपूर्ण समय कहा जाता है। इस दौरान इलाज न मिलने से कई लोग अपनी जान गंवा देते हैं। आंकड़ों के मुताबिक भारत में 2023 में करीब 1.5 लाख लोग सड़क हादसों में मारे गए। जबकि 2024 में जनवरी से अक्टूबर के बीच 1.2 लाख लोगों की मौत हुई। इनमें 30-40% मौतें समय पर इलाज न मिलने के कारण हुईं। लेकिन भारत सरकार की इस पहल से जान नही बल्कि परिवार के सदस्य को बचाया जा सकेगा।

