सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक तस्वीर सामने आई है, जहां कानून को हाथ में लेते हुए ग्रामीणों ने दो युवकों को सरेआम अपमानित किया। रामानुजनगर थाना क्षेत्र के छिंदिया गांव में कथित तौर पर सबमर्सिबल पंप चोरी करने के आरोप में पकड़े गए धनसाय (35) और मुकेश (25) के साथ भीड़ ने अमानवीय बर्ताव किया। ग्रामीणों ने न केवल उनके गले में जूतों की माला डाली, बल्कि चोरी का सामान भी उनके कंधों पर लादकर उन्हें पूरे गांव की गलियों में घुमाया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसने जिले की कानून व्यवस्था और सामाजिक सोच पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भीड़ के इस ‘तनावपूर्ण न्याय’ का वीडियो जब पुलिस के संज्ञान में आया, तब विभाग सक्रिय हुआ। पीड़ित युवकों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और वीडियो के आधार पर उन लोगों की पहचान की जा रही है जिन्होंने कानून की धज्जियां उड़ाईं। इस मामले पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए एसडीओपी अभिषेक पैकरा ने रविवार को कहा कि पंप चोरी की घटना की रिपोर्ट दर्ज है, लेकिन किसी को भी सजा देने या अपमानित करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच में मारपीट या सार्वजनिक रूप से प्रताड़ित करने की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
चिंताजनक बात यह है कि सूरजपुर जिले में भीड़ द्वारा कानून हाथ में लेने का यह एक महीने के भीतर दूसरा मामला है। इससे पहले पस्ता गांव में भी चोरी के संदेह में एक युवक का सिर मुंडवाकर और जूतों की माला पहनाकर उसे अपमानित किया गया था। बार-बार दोहराई जा रही ये घटनाएं दर्शाती हैं कि ग्रामीणों के बीच कानूनी प्रक्रिया का भय कम हो रहा है, जिसे रोकने के लिए पुलिस अब सख्त कदम उठाने की तैयारी में है।

