जशपुर, छत्तीसगढ़। जशपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां लापरवाही और अंधविश्वास के चलते एक महिला की जान चली गई। तुमला क्षेत्र के ग्राम मकरीबंधा निवासी 55 वर्षीय स्थारेन केरकेट्टा की मौत रेबीज संक्रमण के कारण हो गई।
जानकारी के अनुसार, करीब तीन महीने पहले महिला को एक पागल कुत्ते ने काट लिया था। लेकिन परिजनों ने तत्काल मेडिकल उपचार कराने के बजाय अंधविश्वास का सहारा लिया और जड़ी-बूटी से इलाज करते रहे। समय पर एंटी-रेबीज इंजेक्शन नहीं लगवाया गया, जो इस मामले में सबसे बड़ी चूक साबित हुई।
समय बीतने के साथ महिला की तबीयत बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उपचार के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार, रेबीज एक जानलेवा संक्रमण है, जिसका समय पर इलाज न हो तो बचाव लगभग नामुमकिन हो जाता है। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में फैले अंधविश्वास और जागरूकता की कमी को उजागर कर दिया है।
यह मामला समाज के लिए एक कड़ा संदेश है कि कुत्ते या किसी भी जानवर के काटने पर तुरंत चिकित्सकीय उपचार और वैक्सीनेशन बेहद जरूरी है, वरना छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।

