सीतापुर। नगर पंचायत चुनाव में कांग्रेस की जीत और भाजपा की हार ने राजनीतिक समीकरणों को बदल दिया है। इस नतीजे ने भाजपा के विधायक रामकुमार टोप्पो की साख को गहरा नुकसान पहुंचाया है। विधानसभा चुनाव में भाजपा की आंधी अब कमजोर होती दिख रही है, जिसका संकेत लोकसभा चुनाव में भी मिला था, जब भाजपा 11,000 से अधिक मतों से पीछे रही थी। अब सीतापुर नगर पंचायत चुनाव में भी भाजपा की हार ने पार्टी के लिए खतरे की घंटी बजा दी है।
राजनीतिक तजुर्बेकार हुए दरकिनार
विधायक टोप्पो की गिरती लोकप्रियता का एक बड़ा कारण यह भी माना जा रहा है कि उन्होंने राजनीति के अनुभवी नेताओं और कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि संगठन कमजोर पड़ा और लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है।
क्या 2028 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की वापसी तय?
यदि भाजपा की यह स्थिति बनी रही और पार्टी के भीतर संवादहीनता जारी रही, तो 2028 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की वापसी लगभग तय मानी जा रही है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भाजपा को अपनी साख बचानी है, तो उसे जल्द ही अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना होगा और मजबूत नेतृत्व स्थापित करना होगा।

