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सरगुजा, छत्तीसगढ़। जिले के मैनपाट क्षेत्र से जमीन उपयोग और निर्माण नियमों को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज सरगुजा और सरगुजा बचाओ संघर्ष समिति ने जिला कलेक्टर को शिकायत सौंपते हुए डी.के. सोनी पर “ताथास्तु हिल्स रिसॉर्ट” के नाम पर स्वीकृति से अधिक क्षेत्र में निर्माण और शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के आरोप लगाए हैं।

शिकायत के मुताबिक ग्राम उरंगा स्थित खसरा नंबर 232/3 की कुल 0.291 हेक्टेयर भूमि में से केवल 0.200 हेक्टेयर जमीन को ही व्यावसायिक उपयोग के लिए अनुमति दी गई थी। इसके बावजूद आरोप है कि रिसॉर्ट का निर्माण तय सीमा से कहीं ज्यादा क्षेत्र में फैलाया गया, जो राजस्व और वन नियमों का उल्लंघन है।

मामला तब और गंभीर हो जाता है जब यह क्षेत्र पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है। जहां भूमि से जुड़े नियम बेहद सख्त होते हैं। संगठनों का कहना है कि इसके बावजूद इतने बड़े स्तर पर निर्माण होना कई सवाल खड़े करता है।
सबसे बड़ा सवाल अब शासन और प्रशासन की भूमिका को लेकर उठ रहा है। स्थानीय संगठनों का आरोप है कि यदि समय रहते निगरानी और कार्रवाई होती, तो यह स्थिति नहीं बनती। शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबंधित व्यक्ति द्वारा प्रभाव का उपयोग कर कार्रवाई को प्रभावित करने की कोशिश की गई। जिससे मामला लंबे समय तक अनदेखा रहा।

समिति ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। अवैध निर्माण को तत्काल हटाया जाए। शासकीय भूमि से अतिक्रमण समाप्त किया जाए और संचालककर्ता के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी पारदर्शिता और सख्ती दिखाता है, क्योंकि यह मुद्दा केवल एक निर्माण तक सीमित नहीं। जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता हैं।

