रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की महिला जेल में इस मदर्स डे पर ममता और तकनीक का एक अनूठा संगम देखने को मिला, जहाँ बंदिनियों के जीवन में ‘प्रिजन इनमेट वीडियो कॉलिंग सिस्टम’ के रूप में खुशियों की एक नई किरण पहुँची है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की घोषणा को अमली जामा पहनाते हुए जेल प्रशासन और बीएसएनएल के बीच हुए अनुबंध के माध्यम से यह आधुनिक सुविधा शुरू की गई है, जो न केवल महिला बंदिनियों को उनके परिजनों से वीडियो कॉल के जरिए जोड़ेगी, बल्कि उनके कानूनी विमर्श को भी आसान बनाएगी।
इस संवेनदनशील पहल के उद्घाटन के दौरान जेल परिसर का माहौल तब और भी खुशनुमा हो गया, जब विभाग ने अपनी माताओं के साथ रह रहे 14 मासूम बच्चों को विशेष उपहार भेंट किए। इसी अवसर पर ‘निश्चय’ कार्यक्रम के तहत कौशल विकास का प्रशिक्षण पूरा करने वाली 38 महिलाओं को प्रमाण-पत्र देकर उनके स्वावलंबन की राह प्रशस्त की गई।
डीजी जेल हिमांशु गुप्ता, जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में शुरू हुई यह व्यवस्था जेल सुधार और मानवाधिकारों के संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी, जो चारदीवारी के पीछे रह रही महिलाओं को मानसिक संबल और अपनों का अहसास दिलाती रहेगी।

