सरगुजा, छत्तीसगढ़। अंबिकापुर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत संचालित उचित मूल्य की दुकान में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है, जहां शासन के खाद्यान स्टॉक में भारी गड़बड़ी पाए जाने के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला विक्रेता को गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरे मामले में शासन को करीब 5 लाख 51 हजार 112 रुपये की आर्थिक क्षति पहुंची है।
मामला उस समय उजागर हुआ जब कलेक्टर कार्यालय की खाद्य शाखा में पदस्थ शिव कुमार मिश्रा द्वारा 11 मार्च 2026 को महामाया वार्ड स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान क्रमांक 391001032 की औचक जांच की गई। जांच के दौरान यह सामने आया कि उक्त दुकान का संचालन वर्ष 2015 से समवृद्ध स्वयं सहायता समूह, दर्रीपारा द्वारा किया जा रहा था, जिसकी अध्यक्ष शोभा सिंह विक्रेता के रूप में कार्यरत थीं।
भौतिक सत्यापन के दौरान दुकान में 139.49 क्विंटल चावल की कमी पाई गई, जिसे स्पष्ट रूप से गबन माना गया। इस गड़बड़ी की कुल कीमत लगभग 5.51 लाख रुपये आंकी गई, जिससे शासन को सीधा आर्थिक नुकसान हुआ। जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 256/26 के तहत धारा 316(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
जांच के दौरान खाद्य विभाग की रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी शोभा सिंह, निवासी दर्रीपारा अंबिकापुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां उन्होंने अपराध करना स्वीकार किया। आरोपी ने यह भी बताया कि राशन दुकान का पूरा लेन-देन ऑनलाइन होने के कारण वह संबंधित रजिस्टर प्रस्तुत नहीं कर सकीं।
पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश कर दिया है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत सिन्हा के नेतृत्व में पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका रही।

