सरगुजा जिले में 10 हाथियों के दल की चहलकदमी ने ग्रामीणों को पूरे परिवार सहित रतजगा करने को मजबूर कर दिया हैं। वहीं बरसात के दिनों मे हाथियों के द्वारा बीते एक सप्ताह में चार से पांच घरों को तोड़ दिया है। जिसकी वजह से ग्रामीण काफी परेशान है। वन विभाग ग्रामीणों को लगातार हाथियों की सूचनाए भी पहुंचा रहा है।
हाथियों के चहलकदमी से ग्रामीण दहशत में
सरगुजा जिले के मैनपाट वन परिक्षेत्र में बीते एक सप्ताह से 10 हाथियों के दल ने इस बरसात के मौसम में ग्रामीणों को परेशान कर दिया है। जहां एक ओर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं तो दूसरी ओर ग्रामीण हाथियों के डर से रतजगा करने को मजबूर है। ग्रामीण भी हाथियों से बचने के लिए अपने कच्चे मकान से निकलकर बाहर सुबह होने का इंतजार कर रहे हैं, तो कहीं पक्के मकान में जाकर अपनी जान हाथियों से बचा रहे हैं।
वन विभाग को अपनी जिम्मेदारी पर है भरोसा
वन विभाग के प्रभारी डेंजर फेकू प्रसाद चौबे ने कहा कि वन विभाग के द्वारा लगातार ग्रामीणों को हाथियों से दूर रहने की समझाइस इसके साथ ही सुरक्षित जगह जाने की जानकारी दी जा रही है। जिससे कि किसी भी तरह से जान-माल की हानि ना हों। वही हाथियों के द्वारा नुकसान पहुंचा जाने पर वन विभाग के द्वारा मुआवजा प्रकरण भी तैयार कर उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी जाती है। जिससे कि ग्रामीणों को सही समय पर उनका क्षतिपूर्ति राशि मिल सके।
हाथियों और मानव का द्वंद्व
बहरहाल वन विभाग के अधिकारियों का भी मानना है कि हाथी और मानव के बीच का द्वंद समाप्त होने वाला तो नहीं है। लेकिन हाथियों से दूर एवं सजक रहकर ग्रामीणों की जान बचाई जा सकती है। क्योंकि इस विशालकाय जानवर के लिए सबसे महफूज जगह घने जंगल होने के साथ ही खाने के लिए रिहायसी इलाको में पहुंचाना वन विभाग के लिए एक चुनौती है।

