सरगुजा, छत्तीसगढ़। सरगुजा जिले में मेडिकल व्यवसाय की आड़ में चल रहे अवैध नशे के कारोबार का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मेडिकल स्टोर संचालक पर नार्कोटिक्स दवाओं की आड़ में गैरकानूनी व्यापार करने का आरोप लगा है, जिसमें भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप और अन्य सामग्री जब्त की गई है। जब्त किए गए मशरूका की कुल कीमत लगभग 7 लाख रुपये बताई जा रही है।
मामला तब उजागर हुआ जब सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्ति से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि मेडिकल दुकान के संचालन के साथ-साथ वह कोडिन युक्त कफ सिरप की खरीदी-बिक्री में भी शामिल था। बताया गया कि हाल ही में वह बड़ी मात्रा में सिरप लेकर आया था, जिसमें से कुछ की बिक्री की जा चुकी थी, जबकि बाकी माल वाहन में ही रखा गया था।
जांच के दौरान दुकान के पास खड़ी एक कार की तलाशी ली गई, जहां से 95 नग कोडिन युक्त कफ सिरप बरामद किए गए। इसके अलावा मौके से खाली रैपर, इंजेक्शन वायल और अन्य संबंधित सामग्री भी मिली, जो इस बात की ओर इशारा करती है कि यह काम लंबे समय से जारी था।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कैसे मेडिकल जैसे संवेदनशील क्षेत्र का उपयोग नशे के अवैध कारोबार के लिए किया जा रहा है। खासकर युवाओं के बीच तेजी से फैलती नशे की प्रवृत्ति के बीच इस तरह के मामले समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बनते जा रहे हैं।
फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है और मामले की आगे की प्रक्रिया जारी है। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था बल्कि समाज के उस कड़वे सच को भी उजागर करती है, जहां भरोसे की जगह का इस्तेमाल गलत मंशा के लिए किया जा रहा है।

