अंबिकापुर, छत्तीसगढ़। अदानी कोल माइंस के खनन कार्य ने सरगुजा संभाग के पर्यावरण और ग्रामीणों की जिंदगी पर संकट खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खदान से निकलने वाला गंदा और जहरीला पानी बिना किसी शोधन के साल्ही और हसदेव नदी में छोड़ा जा रहा है। इस वजह से नदी का पानी पूरी तरह काला हो गया है और बड़ी संख्या में जलीय जीव-जंतुओं की मौत हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि नदी का पानी अब पीने योग्य नहीं रह गया है। आसपास के गांवों के लोगों को पीने और घरेलू उपयोग के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर है कि खेतों की सिंचाई और पशुओं के लिए भी पानी संकट बन गया है।
बताया जा रहा है कि इस खनन कार्य से 30 से अधिक गांव सीधे प्रभावित हो रहे हैं। लगातार विरोध और शिकायतों के बावजूद कोल माइंस का संचालन जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि तुरंत प्रभाव से गंदे पानी के बहाव को रोका जाए और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जाए। उनका कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों के साथ इस तरह का खिलवाड़ पूरे क्षेत्र के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है।

