सरगुजा, छत्तीसगढ़ |
छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार 2025 की शुरुआत 8 अप्रैल से हो चुकी है। राज्यभर में लोग अपनी समस्याएं और सुझाव लेकर सरकार तक पहुंच रहे हैं। लेकिन इस बार सरगुजा जिले से आई एक अनोखी शिकायत चर्चा का विषय बन गई है।
मामला मैनपाट ब्लॉक के ग्राम कदनई का है, जहां एक ग्रामीण ने जनदर्शन कार्यक्रम में दो आवेदन दिए। पहला आवेदन था किसान सम्मान निधि से जुड़ी सामान्य मांग का। लेकिन दूसरा आवेदन पढ़कर वहां मौजूद अफसर भी मुस्कुराए बिना नहीं रह सके।
ग्रामीण ने लिखा कि उसे अपनी ससुराल और बाजार तक आने-जाने में काफी परेशानी होती है, इसलिए सरकार से एक मोटरसाइकिल की मांग कर रहा है! अब ये शिकायत भले ही सरकारी नियमों की “उचित” श्रेणी में नहीं आती हो, लेकिन अधिकारियों ने आवेदन को खारिज भी नहीं किया — बल्कि उसे बाकायदा दर्ज कर लिया गया।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जिला प्रशासन इस अनोखी मांग पर क्या फैसला लेता है। सोशल मीडिया पर भी इस शिकायत को लेकर हल्का-फुल्का मज़ाक उड़ रहा है, और लोग इसे छत्तीसगढ़ी जुड़ाव और सीधेपन की मिसाल बता रहे हैं।
सुशासन तिहार का मकसद
सुशासन तिहार का उद्देश्य जनता की सीधी भागीदारी से शासन को मजबूत बनाना है। इस दौरान पंचायतों, जनपदों और जिलों में जनसुनवाई आयोजित की जा रही है, जहां आम लोग अपनी समस्याएं, सुझाव और शिकायतें सीधे प्रशासन के सामने रख सकते हैं।
ऐसी घटनाएं इस अभियान को न केवल मानवीय बनाती हैं, बल्कि यह भी दिखाती हैं कि जनता अब संवाद के माध्यमों का सही इस्तेमाल करने लगी है — चाहे वह मांग कितनी भी अनोखी क्यों न हो!

