अगर आप भी महीने में कई बार एटीएम से पैसे निकालते हैं, तो ज़रा सावधान हो जाइए। 1 मई 2025 से एटीएम ट्रांजैक्शन पर नए नियम लागू हो रहे हैं, और इनके बाद आपकी जेब थोड़ी और हल्की हो सकती है। रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि एटीएम से फ्री लिमिट के बाद पैसे निकालने पर अब ज़्यादा शुल्क वसूला जाएगा।
दरअसल, RBI हर कुछ समय पर एटीएम ट्रांजैक्शन से जुड़ी गाइडलाइंस जारी करता है—कितनी बार मुफ्त ट्रांजैक्शन मिलेंगी, उसके बाद कितना चार्ज लगेगा वगैरह। अब नए नियम के मुताबिक, अगर आपने अपने फ्री ट्रांजैक्शन खत्म कर लिए हैं, तो अगली बार एटीएम से पैसे निकालने पर ₹23 तक का चार्ज लगेगा। और हां, इस पर टैक्स अलग से लगेगा। यह नियम सिर्फ ATM तक सीमित नहीं है, बल्कि कैश रिसाइकलर मशीन (CRM) से पैसे निकालने पर भी लागू होगा।
अब सोचिए—जरा-जरा सी ज़रूरत के लिए अगर महीने में कई बार ATM जाना पड़े, और हर बार जेब से ₹23 निकल जाएं, तो महीना खत्म होते-होते अच्छा-खासा नुकसान हो सकता है। और ये तो तब है जब आपने कोई भूल नहीं की—बस पैसे निकाले।
असल बात ये है कि आरबीआई डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देना चाहता है, और शायद यही वजह है कि नकद लेन-देन को थोड़ा महंगा बनाया जा रहा है। मगर देश के बहुत से हिस्सों में आज भी कैश की ज़रूरत खत्म नहीं हुई है। छोटे दुकानदार, पेंशन लेने वाले बुज़ुर्ग, या ऐसे लोग जिनके पास स्मार्टफोन और इंटरनेट की सुविधा नहीं है—उनके लिए यह नियम थोड़ा परेशान करने वाला हो सकता है।
अब सवाल ये उठता है कि क्या लोग एटीएम से पैसे निकालने से बचने लगेंगे? शायद हां। कई लोग अब ये सोचेंगे कि हर बार एटीएम जाने से अच्छा है, एक बार ही ज़्यादा पैसे निकाल लें। या फिर डिजिटल पेमेंट का रास्ता अपनाएं।
लेकिन हर किसी के लिए ये विकल्प मौजूद नहीं है। और यहीं पर बात थोड़ी तकलीफ देती है।
अगर आप फ्री लिमिट के बाद कितना चार्ज लगेगा, कब लगेगा, किस ट्रांजैक्शन पर लगेगा—इन सब बातों से अनजान हैं, तो थोड़ी तैयारी अभी से कर लीजिए। अपने बैंक की वेबसाइट या कस्टमर केयर से पता करें कि आपकी फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट क्या है। हो सकता है, शहर में रहने वालों की लिमिट अलग हो और गांव में रहने वालों की अलग। अलग-अलग बैंकों के नियम भी थोड़े अलग हो सकते हैं।
आप आरबीआई के ऑफिसल साइट पर जाकर नोटिफिकेशन को देख सकते है – RBI NEW GUIDELINES

