कोलकत्ता। पूर्वोत्तर राज्य पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत सूरज की किरण से कम नही है। जिसका असर अब आने वाले समय पूरे भारत मे देखने को मिलेगा। पश्चिम बंगाल में टीएमसी(तृमुल कांग्रेस पार्टी) ने जीत को लेकर माँ, माटी और मानुष का नारा दिया था। लेकिन जनता को सूरज के किरण का इंतजार था। यही वजह रही कि पश्चिम बंगाल में भाजपा 207 सीटों के साथ सरकार बनाने जा रही हैं।

दशकों बाद भाजपा की झोली में पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी TMC, जो 2011 से लगातार सत्ता में रही, 2026 चुनाव में कड़ी टक्कर के बाद हार का सामना करना पड़ा है। मत प्रतिशत शुरुआती रुझानों में टीएमसी (40%) की तुलना में बीजेपी (45%) का वोट शेयर अधिक दिखाई दिया। यही वजह रही कि बीजेपी ने रूझान के साथ ही जीत सुनिश्चित कर लिया था।
पश्चिम बंगाल चुनाव में

पश्चिम बंगाल की 293 विधानसभा सीट में से 292 विधानसभा सीटों पर चुनाव हुआ। इस चुनाव में कई राज्यों के भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं जीत को लेकर पश्चिम बंगाल में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। इतना ही नहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धुआंधार रैली के साथ सभाएं की। जिसका नतीजा यह रहा कि बेहतर परिणाम के साथ जीत का जश्न दिल्ली से लेकर पश्चिम बंगाल के बीजेपी कार्यालय में देखने को मिल रहा हैं।
झालमुड़ी की झार 207 सीटों पर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत को लेकर शुरू से ही अस्वस्थ हो गए थे। प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान झाड़ग्राम में एक झालमुड़ी की दुकान से झालमुड़ी का स्वाद लिया था।तब से राज्य में चुनाव प्रचार के दौरान यह चर्चा खूब होने लगी। वही दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी की स्टार प्रचारक व लोकसभा सांसद सायोनी घोष ने राज्य में धुँवाधार चुनाव प्रचार किया, लेकिन इसे जीत में तब्दील नही कर पाए। वही भाजपा ने कहा कि राज्य में 30 वर्षों के वामपंथी शासन के बाद तृणमूल के शासन के दौरान अराजकता और भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता की जीत हैं।

