अम्बिकापुर के गांधी चौक पर एक मामूली गुटका थूकने का विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। सरेआम गाली-गलौज और मारपीट से इलाके में हड़कंप मच गया। लेकिन इस बार कोतवाली पुलिस ने भी तुरंत मोर्चा संभाला और हिस्ट्रीशीटर आरोपी पर ऐसा शिकंजा कसा कि उसकी दबंगई धरी की धरी रह गई।

2 मई की शाम, नमनाकला निवासी पंकज शुक्ला अपने दोस्तों के साथ पान दुकान पर खड़े थे। तभी अनिकेत त्रिपाठी और उसके साथियों ने विवाद खड़ा किया। देखते ही देखते माहौल बिगड़ गया गंदी गालियां, हाथ-मुक्के और लोहे के कड़े से हमला… पंकज के सिर से खून बहने लगा और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घटना के बाद आरोपी फरार हो गए, लेकिन पुलिस भी पीछे हटने वाली नहीं थी। 5 मई को कोतवाली टीम ने रसूलपुर में दबिश दी और हिस्ट्रीशीटर मजहर खान को धर दबोचा। उसके साथ दो नाबालिग भी पुलिस के हत्थे चढ़े।
मजहर खान, जो पहले से अपराधों की लंबी फेहरिस्त में शामिल है, अब कानून के शिकंजे में है। पुलिस ने उसके खिलाफ गुंडा बदमाश फाइल खोल दी है और जिला बदर की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।

