रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन अंकुश’ को एक बड़ी कामयाबी मिली है। छाल थाना पुलिस ने आईपीएल मैच के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी का जाल बिछाए बैठे एक ऐसे कुख्यात आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो न केवल सट्टा खिला रहा था बल्कि दुष्कर्म और राजधानी रायपुर में हुई एक बड़ी डकैती के मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के सख्त निर्देशों पर हुई इस कार्रवाई ने क्षेत्र के अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा दिया है। गिरफ्तार मुख्य आरोपी की पहचान चंद्रभूषण डनसेना उर्फ चिन्दु (28 वर्ष) के रूप में हुई है, जो ग्राम बरभौना का निवासी है। उसके साथ ही दांव लगाने वाले एक अन्य युवक रूपधर पटेल (22 वर्ष) को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।
पुलिस की जांच में आरोपी का जो काला चिट्ठा सामने आया है वह चौंकाने वाला है। आरोपी चंद्रभूषण कोई साधारण सटोरिया नहीं, बल्कि एक शातिर अपराधी है। वर्ष 2023 में उस पर दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें जेल से जमानत पर आने के बाद उसने रायपुर के पंडरी स्थित एक ट्रेडिंग ऑफिस में डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। रायपुर पुलिस को चकमा देकर वह ओडिशा और रायगढ़ के विभिन्न इलाकों में छिपता फिर रहा था और इसी फरारी के दौरान उसने कुरकुट पुल के पास अपना ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क स्थापित कर लिया था। वह तकनीक का सहारा लेकर फोन-पे और व्हाट्सएप के जरिए ‘बॉल टू बॉल’ हार-जीत का दांव लगवा रहा था।
इस गिरोह का भंडाफोड़ तब हुआ जब पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटन्स के बीच चल रहे मुकाबले के दौरान पुलिस को सटीक मुखबिर से सूचना मिली। एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी नासिर खान की टीम ने कुरकुट नदी पुल के पास घेराबंदी कर रेड मारी। मौके पर आरोपी के मोबाइल फोन की जांच करने पर डिजिटल ट्रांजेक्शन और सट्टेबाजी के पुख्ता सबूत मिले। जांच में यह भी पता चला कि रूपधर पटेल ने आरोपी को ₹1500 भेजकर सट्टा खेला था, जिसके बाद दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने इनके पास से ₹68,000 की कीमत का ओप्पो रेनो 15 प्रो, रियलमी मोबाइल और नकदी सहित कुल ₹82,000 से अधिक की संपत्ति जब्त की है।
रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस सफलता पर छाल पुलिस की सराहना करते हुए अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में जुआ, सट्टा और ऑनलाइन बेटिंग जैसे अवैध कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस अब इस मामले में डिजिटल साक्ष्यों के जरिए अन्य जुड़े हुए लोगों की भी तलाश कर रही है। फिलहाल, दोनों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

