सरगुजा। जिले के लखनपुर विकासखंड में शिक्षकों से अवैध वसूली के शिकायत मामले में अब नया मोड़ आ गया है। सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी (एबीईओ) द्वारा शिक्षकों से की गई कथित वसूली की शिकायत सरगुजा कलेक्टर से की गई थी। कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने चार सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया है। जिसे तीन दिन के भीतर पूरे मामले की बारीकी से जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपना होगा।

केवाईसी और सत्यापन के नाम पर वसूली
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व दूरस्थ अंचलों के प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं के शिक्षकों ने एबीईओ मनोज तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए थे। शिक्षकों का कहना है कि एबीईओ द्वारा दस्तावेज सत्यापन (केवाईसी) के नाम पर उनसे 2000 से 3000 रुपए की अवैध वसूली की गई। आरोप है कि इस वसूली के लिए खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) की आधिकारिक सील का भी इस्तेमाल किया गया। इससे परेशान होकर शिक्षकों ने सरगुजा कलेक्टर के समक्ष लिखित शिकायत प्रस्तुत की थी।
जांच टीम ने लिया पीड़ितों का बयान
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जमगंवा के प्राचार्य रमेश सिंह की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई है। जिसमें तीन अन्य शिक्षकों को सदस्य की जिम्मेदारी दी गई है। जांच के पहले दिन ही टीम ने खंड शिक्षा कार्यालय पहुंचकर बीईओ की मौजूदगी में जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। टीम ने पीड़ित शिक्षकों, ढोढाकेसरा स्कूल के प्राचार्य, बीईओ और आरोपी एबीईओ मनोज तिवारी के बयान दर्ज कर लिए हैं।
एबीईओ के मूल पदस्थापना को लेकर उठे सवाल
जांच दल ने ढोढाकेसरा स्कूल से उपस्थिति पंजी (अटेंडेंस रजिस्टर) भी अपने कब्जे में ले ली है। जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि एबीईओ मनोज तिवारी को उनकी नियुक्ति के बाद मूल पदस्थापना वाले स्थान पर भेजने के बजाय आखिर किस आदेश के तहत खंड शिक्षा कार्यालय में ही कार्यरत रखा गया था।
बीईओ पर भी गिर सकती है गाज
जांच दल ने अब तक जुटाए गए सभी तथ्यों, दस्तावेजों और बयानों को एक लिफाफे में सीलबंद कर दिया है और आगे की जांच प्रक्रिया जारी है। तीन दिन बाद जब यह सीलबंद लिफाफा खुलेगा और अंतिम रिपोर्ट पेश होगी, तभी मामले का पूरा सच सामने आ सकेगा। यदि जांच रिपोर्ट में आरोप सिद्ध होते हैं, तो आरोपी एबीईओ मनोज तिवारी के साथ-साथ तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी देवकुमार गुप्ता पर भी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

