जशपुर, छत्तीसगढ़। सूचना के अधिकार (RTI) के नाम पर अवैध वसूली का सनसनीखेज मामला जशपुर जिले से सामने आया है, जहां दुलदुला क्षेत्र में पंचायत सचिवों को धमकाकर पैसे मांगने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। खुद को RTI एक्टिविस्ट बताने वाला तरुण भारद्वाज नाम का युवक सचिवों को बर्खास्तगी और जेल भेजने की धमकी देकर 90 हजार रुपये की उगाही करने की कोशिश कर रहा था। मामले के उजागर होने के बाद पूरे क्षेत्र में खलबली मच गई है।
दुलदुला के पंचायत सचिवों ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से बाहरी जिलों के कुछ लोग RTI लगाकर दस्तावेजों के नाम पर दबाव बनाते हुए पैसे की मांग कर रहे थे। आरोप है कि इन्हीं में से एक तरुण भारद्वाज, निवासी ग्राम अण्डा जिला शक्ति, ने 30 ग्राम पंचायतों में RTI आवेदन जमा किए और जानकारी जुटाने के नाम पर सचिवों पर लगातार दबाव बनाया। सचिवों के अनुसार, फोन कॉल पर तरुण ने कहा कि या तो मांगी गई जानकारी दो या फिर प्रति पंचायत 3000 रुपये की व्यवस्था करो, नहीं तो सूचना आयोग में शिकायत भेजकर सबको बर्खास्त करवा दूंगा। कई सचिवों ने उसकी धमकी भरी कॉल रिकॉर्ड भी संभालकर रखी थी।
19 नवंबर 2025 को जब प्रथम अपील की सुनवाई के लिए तरुण जनपद पंचायत दुलदुला पहुंचा, तो वहां भी उसने सचिवों से 90 हजार रुपये की कुल रकम की मांग दोहराई। भय के माहौल में दो सचिवों ने उसके बताए नंबर पर 500–500 रुपये फोनपे से भी भेज दिए, जिनके स्क्रीनशॉट बाद में पुलिस के हाथ लगे।
महिला पंचायत सचिव देवकी यादव (45), ग्राम पंचायत कस्तूरा जामपानी, ने थाना दुलदुला में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने कहा कि तरुण जानकारी के अधिकार का गलत इस्तेमाल कर जानबूझकर ब्लैकमेलिंग कर रहा था। शिकायत और डिजिटल सबूतों के आधार पर दुलदुला पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 308(2) जबरन वसूली के तहत अपराध पंजीबद्ध किया और तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को जनपद पंचायत परिसर से ही गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। आरोपी का मोबाइल भी जब्त किया गया है और पुलिस आरोपियों के संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि यह उसका पहला प्रयास था और उसने किसी से सुना था कि RTI के नाम पर लोग पैसे कमाते हैं।
जनपद पंचायत दुलदुला के सीईओ पुष्कर पाटले ने कहा कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि आगे कोई भी RTI एक्टिविस्ट बनकर सरकारी कर्मचारियों को धमकाने या ब्लैकमेल करने की हिम्मत न कर सके। पंचायत सचिव संघ के अध्यक्ष शिवशंकर यादव ने भी कहा कि लंबे समय से कुछ बाहरी लोग सचिवों को धमकाकर परेशान कर रहे थे। इस कार्रवाई से सचिवों में राहत की भावना है और दुलदुला पुलिस का आभार व्यक्त किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि RTI एक्टिविस्ट बनकर अवैध उगाही की कोशिश करने वाले आरोपी को जेल भेज दिया गया है और ऐसे मामलों में आगे भी पुलिस कठोर कार्रवाई करेगी।
जशपुर में सामने आया यह मामला साफ करता है कि RTI जैसी पारदर्शिता के लिए बने कानून का दुरुपयोग कर ब्लैकमेलिंग का नेटवर्क सक्रिय है। समय रहते कार्रवाई करना आवश्यक है ताकि इस प्रकार की घटनाओं पर लगाम लग सके।

