सरगुजा। सेंट्रल जेल अंबिकापुर पिछले कुछ दिनों से अपने कारनामों की वजह से सुर्खियों में बना हुआ है। कभी जेल से गांजा बरामद होता है, तो कभी कैदियों के पास से मोबाइल जब्त किया जाता है। आये दिन सेंट्रल जेल अंबिकापुर विवादों से घिरा रहता है। ऐसे में जेल के अंदर से एक बार फिर जेल प्रबंधन पर सवाल खड़ा करने वाली खबर सामने आया है। जिसे सुनकर जेलर भी हैरत में है।
दरअसल मामला ये है कि सेंट्रल जेल में हत्या की सजा काट रहे एक कैदी को अन्य कैदी भी अघोषित जेलर कहते है। वजह है हत्या के मामले में बंद सज़ायाफ्ता कैदी अन्य कैदियों को जेल के अंदर पौष्टिक खाना उपलब्ध कराने के नाम पर हर महीने मोटी रकम वसूल करता है। जिसकी लाखों रुपये की कमाई जेल के अंदर ही होती है, और जेल के अंदर पैसा उपलब्ध कराने का जरिया जेल प्रहरी बनते है।
जेल के अंदर की बात बाहर…
अंबिकापुर के सेंट्रल जेल में देव कुमार नाम का कैदी 2013 से अस्पताल वार्ड में बंद है। यह कैदी अपने दादा की हत्या के मामले में सजा काट रहा है। जेल के अंदर चलने वाली सभी गतिविधियां इस कैदी के नजर में रहती है। अंबिकापुर के सेंट्रल जेल से छूटे कैदी ने नाम नही बताने की शर्त पर जेल में चलने वाली सारी गतिविधियों के बारे में बनाता। अपनी आपबीती सुनाई और बताया कि पौस्टिक खाना के तौर पर दूध, अण्डा जैसे कई खाद्यान्न सामान उपलब्ध कराने के लिए देवकुमार को हरमहीने 5 हजार से 10 हजार रुपए देना पड़ता हैं। यह रकम जेल प्रहरियों के जरिए अघोषित जेलर तक पहुँचती हैं। ऐसे में कैदी देवकुमार है महीने अन्य कैदियों से पौष्टिक खाना उपलब्ध कराने के नाम पर लाखों रुपए कमाता है। जेल के भीतर चल रहे इस गोरखधंधे से जेल प्रबंधन की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

जेलर को लिखित शिकायत का हैं इंतजार...
जेल के अंदर पौस्टिक भोजन के नाम पर उगाही को लेकर किये गए सवाल पर जेल अधीक्षक अक्षय राजपूत का कहना है कि आपके द्वारा जानकारी दी गई हैं। इसकी जांच कराई जाएगी, उन्होंने कहा कि इस गंभीर मसले में कोई लिखित शिकायत नही मिली हैं। लेकिन आपके द्वारा बताया गया हैं। ऐसे में कैदी देव कुमार को तत्काल अस्पताल वार्ड से हटा देता हूँ।
जेल में क्या होता हैं..?
“जेल” कैदियों के लिए एक पुनर्वास केंद्र होता हैं। जहाँ कैदी जेल में रहकर अपने अपराधों का पश्चाताप करता हैं। जेल के अंदर कई गतिविधियां कराई जाती हैं। जेल में कैदियों को स्वरोजगार के बारे में बताया जाता हैं, ताकि कैदी सजा पूरी कर जेल से बाहर निकले तो आत्मनिर्भर बन सके। जेल के अंदर महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग जेल होता हैं। जेल में महिलाओं के लिए भी सारी सुविधाएं दी जाती हैं।

