सरगुजा जिले के रघुनाथपुर चौकी क्षेत्र में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां डबरी में डूबने से दो मासूम बच्चों की जान चली गई। इस हादसे से गम में डूबे परिजनों को उस समय और भी ज्यादा पीड़ा झेलनी पड़ी जब पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे डॉक्टर ने प्रत्येक शव के लिए 10-10 हजार रुपये की मांग कर दी।
परिजनों के पास पहले से ही ग़म का पहाड़ टूटा हुआ था, ऊपर से इस तरह की मांग ने पूरे सिस्टम की संवेदनहीनता को उजागर कर दिया। मामला यहीं नहीं रुका। जब बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम पूरा हुआ तो परिजनों को शव वाहन तक उपलब्ध नहीं कराया गया। मजबूरन उन्होंने दोनों शवों को मोटरसाइकिल में रखकर गांव वापस ले जाने का फैसला किया।
जैसे ही मीडिया ने डॉक्टर से पैसों की मांग को लेकर सवाल किया, वह कैमरा देखकर मौके से भाग निकला। इस पूरे घटनाक्रम ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शव वाहन की अनुपलब्धता, डॉक्टर की कथित रिश्वतखोरी और मृत बच्चों के शवों को बाइक में घर ले जाने की मजबूरी—इन सभी घटनाओं ने प्रशासन को शर्मिंदा कर दिया है।

