अंबिकापुर नगर निगम के शपथ ग्रहण समारोह में गंगाजल से शुद्धिकरण को लेकर उपजे विवाद पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “गंगाजल को लेकर विवाद की स्थिति नहीं बननी चाहिए। हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य से पहले गंगाजल से शुद्धिकरण करना परंपरा है। नये काम की शुरुआत से पहले गृह प्रवेश और देवी-देवताओं की मूर्ति स्थापित करना हमारी संस्कृति का हिस्सा है।”
शपथ ग्रहण से कांग्रेस के 16 पार्षद रहे नदारद
अंबिकापुर नगर निगम में भाजपा ने बहुमत हासिल कर सत्ता बनाई, लेकिन इस शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के 16 पार्षद शामिल नहीं हुए। इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। अब सवाल यह उठ रहा है कि नगर निगम में भाजपा सरकार के कामकाज को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस आने वाले दिनों में किस तरह से रुख अपनाएगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि नगर निगम में भाजपा और कांग्रेस के बीच आने वाले समय में किस तरह की राजनीतिक हलचल होती है। यह तो आने वाला वक्त बताएगा।
नगर निगम के विकास को प्राथमिकता देने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि नगर निगम के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार अंबिकापुर को एक बेहतर शहर बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, और विकास का एक नया आयाम लिखा जाएगा।

