अंबिकापुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा आम नागरिकों को साइबर अपराध और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से बचाने के लिए ‘साइबर सुरक्षा बंधन’ अभियान चलाया गया। अभियान के तहत पुलिस अधिकारियों, महिला पुलिस कर्मियों और जवानों ने नागरिकों की कलाई पर ‘साइबर जागरूकता का रक्षा सूत्र’ बांधकर उन्हें डिजिटल ठगी से सतर्क रहने का संदेश दिया।
डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) के दिशा-निर्देशन में जिले के सभी थाना क्षेत्रों में यह अभियान संचालित किया गया। पुलिसकर्मियों ने नागरिकों को समझाया कि त्योहारों के दौरान साइबर ठग फर्जी गिफ्ट, डिस्काउंट, पार्सल और अन्य आकर्षक ऑफर्स के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसा सकते हैं।
‘साइबर मुक्त छत्तीसगढ़’ का संकल्प
छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से शुरू किए गए सात सप्ताह के व्यापक ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। रक्षाबंधन के अवसर पर अभियान को जन-जागरूकता से जोड़ते हुए नागरिकों से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की अपील की गई।
पुलिस ने लोगों से कहा कि रक्षाबंधन या अन्य त्योहारों के नाम पर भेजे जाने वाले अनजान और संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। किसी भी व्यक्ति के साथ अपना OTP, UPI PIN, बैंक पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। इसके अलावा फर्जी कस्टमर केयर, लॉटरी, पार्सल और ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर आने वाली कॉल से भी सावधान रहने की सलाह दी गई।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी संदिग्ध कॉल या साइबर ठगी की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दें।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें कॉल
सरगुजा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी भी प्रकार की ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के शिकार होते हैं, तो बिना देर किए साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को रोकने या वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है।
रक्षाबंधन के इस अवसर पर पुलिस ने नागरिकों को संदेश दिया कि जिस तरह राखी भाई-बहन के रिश्ते और सुरक्षा का प्रतीक है, उसी तरह ‘साइबर सुरक्षा बंधन’ डिजिटल दुनिया में जागरूकता और सुरक्षित रहने का संकल्प है।

