सरगुजा। अंबिकापुर शहर से लगे केशवपुर आत्मानंद स्कूल में महिला शिक्षकों को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप स्कूल के प्राचार्य और एक शिक्षक पर लगे हैं। इस मामले में पीड़ित महिला शिक्षकों सहित कुल 14 शिक्षकों ने कलेक्टर सरगुजा को ज्ञापन सौंपकर शिकायत दर्ज कराई है।
महिला शिक्षकों के गंभीर आरोप
पीड़ित शिक्षिकाओं का आरोप है कि स्कूल के प्राचार्य और एक शिक्षक न केवल उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं, बल्कि उनकी निजता का भी हनन किया जा रहा है। शिक्षिकाओं का कहना है कि स्कूल के सीसीटीवी कैमरों को जानबूझकर ज़ूम किया जाता है, जिससे उनकी निजता भंग होती है। इसके अलावा, शिक्षिकाओं ने यह भी आरोप लगाया कि मासिक धर्म के दौरान अवकाश मांगने पर उनसे लिखित में आवेदन मांगा जाता है, और एक शिक्षिका, जिसका बच्चा छोटा है, उसे स्तनपान कराने के लिए भी समय नहीं दिया जाता। जिससे वह मजबूरी में अपने बच्चे को घर छोड़कर आ रही हैं।
कलेक्टर के निर्देश के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं
इधर शिक्षिकाओं ने इस बात को लेकर कलेक्टर के संज्ञान में लाया, तो उन्होंने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और केवल जांच की बात कहकर मामले को टाल रहे हैं। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा ने कहा कि शिकायत के बाद तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त संचालक शिक्षा पर भी लगे धमकाने के आरोप
महिला शिक्षकों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन इस मामले की शिकायत की, तो संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा स्कूल पहुंचे। लेकिन उनकी समस्याओं को सुनने के बजाय उन्होंने शिक्षिकाओं को ही धमकाना शुरू कर दिया और यहां तक कह दिया कि “कुछ भी करने से पहले सोच लें, नहीं तो उनकी नौकरी खा लेंगे।”अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है और महिला शिक्षकों को न्याय मिल पाता है या नहीं।

