सरगुजा: जिले में खनिज विभाग के अधिकरी मालामाल हो रहे है। जिले में खनिज संपदा का दोहन धड़ल्ले से हो रहा है। इसके एवज में खनिज विभाग के अधिकारियों को हर महीने मोटी रकम मिल रही है। इस मोटी रकम का अनुमान हम आप नही लगा सकते है। मामला अवैध गिट्टी खदान से जुड़ा हुआ है।


दरअसल सरगुजा जिले के धौरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चंगोरी में नदी किनारे बृहद स्तर पर बड़ी-बड़ी मशीनों से चट्टानों को तोड़कर जमीन को खोदकर बड़े-बड़े बोल्ड निकाले जा रहे है। जिसका इस्तेमाल क्रेशर संचालक गिट्टी बनाने के लिए कर रहे हैं। यही नही अवैध गिट्टी खदान से बोल्डर तोड़ने के लिए बारूद लगाकर विस्फोट भी किया जा रहा है, और ये अवैध कारोबार जिला प्रशासन और खनिज विभाग के नाक के नीचे हो रहा है।
वहीं अवैध गिट्टी खदान से होने वाली रकम की कमाई रोजाना 20 से 25 लाख रुपये तक होती हैं। आरोप है कि इसके एवज में जिला खनिज अधिकारी त्रिवेणी देवांगन को हरे महीने 15 लाख रुपये तक अवैध खदान संचालित करने वाले खनिज माफिया देते है। एक चेन के जरिये अवैध खदानों से होने वाली काली कमाई माइनिंग से जुड़े लोगों तक पहुंचती है। जबकि अवैध गिट्टी खदान को संचालित करने वाले माफिया सरकार को अरबो रुपये की रॉयल्टी का चूना लगा चुके हैं, और ये सब बीजेपी के सुशासन राज में खुले आम हो रहा है।
माइनिंग जियोलॉजिकल सर्वे विभाग ने मारा छापा
सरगुजा जिले के ग्राम चंगोरी में अवैध तरीके से संचालित हो रहे गिट्टी खदान की भनक राजधानी रायपुर तक पहुंच चुकी है। माइनिंग के संबंध में मिली अवैध कारोबार की शिकायत पर 29 नवंबर 2025 को जांच करने माइनिंग जियोलॉजिकल सर्वे विभाग की बिलासपुर उड़नदस्ता टीम ग्राम चंगोरी पहुंची हुई थी। बताया जा रहा है कि इस दौरान जब जांच अधिकारी अवैध खदान तक अपने टीम के साथ मौके पर पहुंचना चाहा तो खजिन माफियाओं ने उन्हें बीच रास्ते में ही जबरन रोकने का प्रयास किया। वही अधिकारियों के वाहनों के आगे जेसीबी और हाइवा लगा दिया गया, ताकि अधिकारी मौके तक नही पहुंच सके। बावजूद इसके अधिकारी जैसे-तैसे अवैध खदान तक पहुंचे और जांच शुरू की।


ड्रोन से करना पड़ा अवैध खदानों का सर्वे
ग्राम चंगोरी में अवैध गिट्टी खदान का संचालन किस स्तर पर हो रहा है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है, कि जब माइनिंग जियोलॉजिकल सर्वे विभाग के अधिकारियों ने लंबाई, गहराई और चौड़ाई का आकलन करना चाहा तो उन्हें ड्रोन कैमरे की मदद लेने के साथ अधिकरियों को घण्टों मशक्कत करनी पड़ी। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मात्र ग्राम चंगोरी में किस स्तर पर जिला खनिज विभाग के संरक्षण में गिट्टी माफिया पहाड़ो को काटकर अवैध खदान संचालित कर रहे है।
अधिकारियों को ये मिली थी शिकायत
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बैठे माइनिंग विभाग के अधिकारियों को शिकायत मिली थी कि कृष्णा स्टोन क्रेशर के संचालक सहित अन्य क्रेशर संचालकों द्वारा ग्राम चंगोरी में माइनिंग के सभी नियमों को दरकिनार कर अवैध तरीके से ब्लास्टिंग कर बड़े-बड़े बोल्डर निकाले जा रहे हैं, और इसका इस्तेमाल क्रेशर में गिट्टी बनाने के लिए किया जा रहा है। जबकि सरकार को अरबो रुपए की रॉयल्टी का सालाना चूना लगाया जा रहा है। वही इस अवैध काम को अंजाम देने के लिए दर्जनों हाईवा, जेसीबी सहित बड़े-बड़े आधुनिक मशीन का स्तेमाल किया जाता हैं। जबकि दूसरी ओर जिला खनिज विभाग को मामले की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है। इधर लिखित शिकायत मिलने पर बिलासपुर से आई माइनिंग जियोलॉजिकल सर्वे विभाग की टीम ने अवैध खदानों में छापामार की कर्रावाई की है।



अधिकारियों का ये है कहना
बिलासपुर से आये जियोलॉजिकल सर्वे विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मौके पर पहुंचकर अवैध खदानों की जांच की गई है। ड्रोन कैमरे से पूरे अवैध खदानों को शूट किया गया है। ड्रोन कैमरे से लिए गए फुटेज और अन्य दस्तावेजों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। अभी ये हमारी प्रारंभिक जांच है। आगे की कर्रावाई उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में की जायेगी।

