अमित शाह का वादा और समूल नाश की डेडलाइन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का ऐलान किया है। शाह ने कहा कि 2026 तक भारत से नक्सलवाद का “समूल नाश” (complete eradication) कर दिया जाएगा।
यह घोषणा उस समय आई है जब नक्सली हिंसा से प्रभावित जिलों की संख्या घटकर अब 126 जिलों तक सिमट गई है — जो पिछले दशक की तुलना में ऐतिहासिक गिरावट है। 126 जिलों में अब भी सक्रिय नक्सल नेटवर्क गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, देश के 10 राज्यों में फैले करीब 126 जिलों में नक्सली नेटवर्क अभी भी सक्रिय है। हालांकि, पिछले पांच वर्षों में नक्सल घटनाओं में 70% तक की कमी दर्ज की गई है।
छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में अब भी sporadic घटनाएं हो रही हैं, लेकिन सुरक्षा बल लगातार नक्सलियों को कमजोर कर रहे हैं।
सरकार की रणनीति: विकास + सख्त कार्रवाई
अमित शाह ने बताया कि नक्सलवाद को खत्म करने की सरकार की नीति दो स्तंभों पर आधारित है —
- विकास: नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं का विस्तार।
- सख्त कार्रवाई: सुरक्षा बलों की बढ़ी तैनाती और आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल।
उन्होंने कहा, नक्सलवाद न केवल एक सुरक्षा चुनौती है, बल्कि यह विकास के रास्ते में बाधा भी है। मोदी सरकार इसका समूल नाश करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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पुलिस और सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता
पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों ने नक्सल प्रभावित इलाकों में कई बड़े एनकाउंटर और सरेंडर ऑपरेशन सफलतापूर्वक अंजाम दिए हैं। सैकड़ों नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। कई शीर्ष कमांडर मारे गए या गिरफ्तार हुए हैं। नई सड़कें और कैंप खुलने से नक्सली इलाकों में सरकारी पहुंच बढ़ी है।
2026 तक “नक्सल मुक्त भारत” का लक्ष्य
अमित शाह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि 2026 तक देश पूरी तरह नक्सल मुक्त हो जाए।
इस दिशा में राज्यों और केंद्र की संयुक्त कार्ययोजना बनाई गई है।
गृह मंत्रालय ने नक्सल प्रभावित जिलों में स्पेशल इंटेलिजेंस यूनिट्स और क्विक रिस्पॉन्स टीमों की तैनाती शुरू कर दी है।
अंत के करीब खूंखार आतंक
अमित शाह का यह बयान नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई के अंतिम चरण की घोषणा माना जा रहा है।
126 जिलों में फैला यह खूंखार नेटवर्क अब कमजोर पड़ चुका है और सरकार का “समूल नाश” अभियान अपने निर्णायक मोड़ पर है।
अगर सब कुछ योजना के अनुसार चला, तो 2026 तक भारत “नक्सल मुक्त राष्ट्र” बनने की ओर बढ़ जाएगा।

