सरगुजा। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच छत्तीसगढ़ पुलिस ने प्रदेशवासियों को साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराधों से जागरूक एवं सुरक्षित बनाने के लिए ‘साइबर जागृति अभियान’ शुरू किया है। स्वतंत्रता दिवस से गांधी जयंती तक चलने वाला यह सात सप्ताह का प्रदेशव्यापी अभियान जनभागीदारी और सोशल मीडिया के जरिए साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता फैलाने पर केंद्रित रहेगा।अभियान की मुख्य थीम साइबर जागृति की एक सेल्फी रखी गई है। इसके तहत प्रदेशवासी छत्तीसगढ़ पुलिस और संबंधित जिला पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल्स पर जारी लिंक अथवा QR कोड को स्कैन कर जागरूकता संदेश वाली सेल्फी फ्रेम में अपनी तस्वीर ले सकेंगे। इसके बाद इस सेल्फी को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा कर साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता का संदेश आगे पहुंचाएंगे।

साइबर जागृति अभियान का शुभारंभ 14 अगस्त को राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री द्वारा किया गया। वहीं सरगुजा जिले में पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा डीआईजी राजेश कुमार अग्रवाल ने प्रेसवार्ता के दौरान अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने अभियान की लिंक और QR कोड जारी किया। उन्होंने स्वयं QR कोड स्कैन कर जागरूकता संदेश वाली सेल्फी ली और उसे सोशल मीडिया पर साझा किया। अधिकारियों ने जिलेवासियों से भी इस अभियान में अधिक से अधिक भागीदारी करने की अपील की।
पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि जिस तरह देश की आजादी के लिए करोड़ों देशवासी एकजुट हुए थे। उसी तरह साइबर अपराध के खिलाफ भी समाज के हर वर्ग को मिलकर जागरूकता फैलानी होगी। उन्होंने सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों, संस्थानों के पदाधिकारियों, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स, प्रोफेशनल्स, कलाकारों और आम नागरिकों से अभियान में शामिल होकर जागरूकता संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की गई हैं।
इस अभियान को व्यापक स्वरूप देते हुए 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक अलग-अलग सप्ताह में विभिन्न वर्गों को साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा। पहला सप्ताह: स्कूल-कॉलेजों में डिजिटल सतर्कता और बुनियादी साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान। दूसरा सप्ताह: बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों में वित्तीय धोखाधड़ी और UPI सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम। तीसरा सप्ताह: वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल जैसे साइबर अपराधों को लेकर टाउन हॉल कार्यक्रम। चौथा सप्ताह: महिला कॉलेजों और सामुदायिक समूहों के बीच स्मार्टफोन प्राइवेसी और सुरक्षित ब्राउजिंग को लेकर जागरूकता। पांचवां सप्ताह: युवाओं को जॉब फ्रॉड और फिशिंग से बचाने के लिए रोजगार कार्यालयों, ITI और कौशल विकास केंद्रों में कार्यक्रम। छठा सप्ताह: डेटा प्राइवेसी और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल एवं उसकी सीमाओं को लेकर जागरूकता अभियान। सातवां सप्ताह: ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में गांधी जयंती के अवसर पर ‘साइबर मुक्त छत्तीसगढ़’ का संकल्प अभियान।चौक-चौराहों से लेकर सोशल मीडिया तक चलेगा प्रचार अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए जिला पुलिस टीमों और स्थानीय थानों द्वारा सार्वजनिक स्थानों, चौक-चौराहों, पार्कों और बाजारों में पोस्टर-बैनर लगाए जाएंगे। इनमें QR कोड के माध्यम से लोगों को अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा छत्तीसगढ़ पुलिस और जिला पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल्स तथा विभिन्न WhatsApp ग्रुप्स में अभियान की लिंक साझा कर लोगों को सेल्फी लेने और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
साइबर जागृति अभियान का समापन 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के अवसर पर किया जाएगा। पुलिस का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से साइबर अपराध के प्रति जागरूकता को प्रदेश के हर व्यक्ति तक पहुंचाना और छत्तीसगढ़ को साइबर अपराध के खिलाफ अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में व्यापक सामाजिक भागीदारी सुनिश्चित करना है।

