बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां सोमवार को प्रकृति के रौद्र रूप ने सुरक्षा बलों के ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। पामेड़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 212वीं वाहिनी सीआरपीएफ के धर्मावरम और चिंतावागु कैंप अचानक आए भयंकर तूफान, मूसलाधार बारिश और वज्रपात की चपेट में आ गए।
इस प्राकृतिक आपदा ने न केवल कैंपों की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित किया, बल्कि महत्वपूर्ण सरकारी बुनियादी ढांचे और उपकरणों को भी तहस-नहस कर दिया। गनीमत रही कि इस भीषण आपदा में किसी भी जवान के हताहत होने या घायल होने की खबर नहीं है, जिससे विभाग ने बड़ी राहत की सांस ली है।
धर्मावरम कैंप में तबाही का मंजर कुछ ऐसा था कि तूफान की प्रचंड लहरों ने कंपनी स्टोर की छत को तिनके की तरह उड़ा दिया और सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण सीमा दीवार (Boundary Wall) को भी धराशायी कर दिया। भारी बारिश और जलभराव के चलते कैंप के भीतर रखे कंप्यूटर सिस्टम, एलईडी टीवी और कई महत्वपूर्ण आधिकारिक दस्तावेज पूरी तरह खराब हो गए हैं। सबसे बड़ी चुनौती सिग्नल और एंटीना जैसे संचार उपकरणों को पहुंची क्षति है, जिससे बाहरी संपर्क प्रभावित हुआ है।
वहीं दूसरी ओर, चिंतावागु कैंप पर आसमानी बिजली का कहर टूटा, जिससे हुए शॉर्ट सर्किट ने 30 केवी के जनरेटर सेट को पूरी तरह जलाकर खाक कर दिया। इस आपदा में अधिकारियों के मेस और संतरी पोस्टों को भी गंभीर क्षति पहुंची है। फिलहाल, सीआरपीएफ प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है, ताकि आधिकारिक रिकॉर्ड को सुरक्षित किया जा सके और कैंपों में जल्द से जल्द पूर्ण परिचालन व संचार व्यवस्था बहाल की जा सके।

