धमतरी। नगर निगम धमतरी में बढ़ती अव्यवस्थाओं और ठप प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने बड़ा आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कलेक्टर अबिनाश मिश्रा से मुलाकात की और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। विपक्षी पार्षदों ने कहा कि निगम आयुक्त के लगातार छह दिनों से गैर-हाजिर रहने के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों की किस्तें भुगतान के बिना अटकी हुई हैं, जबकि कई फाइलें कार्यालय में पड़ी-पड़ी धूल खा रही हैं। पार्षद निधि के कार्यों से संबंधित प्रस्ताव भी तीन माह से आगे नहीं बढ़ पाए हैं, जिससे शहर में विकास कार्य पूरी तरह रुक गया है।
कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर के नेतृत्व में पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर से मिला और विस्तृत शिकायत सौंपी। उन्होंने कहा कि नगर निगम धमतरी का प्रशासनिक सिस्टम लगभग जाम की स्थिति में है, और इसकी मार सीधे आम नागरिकों पर पड़ रही है। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि निगम के सरकारी वाहन का महीनों से उपयोग न होने के बावजूद हज़ारों लीटर डीज़ल खपत के रूप में दर्शाया जा रहा है, जो स्पष्ट रूप से डीज़ल घोटाले की ओर संकेत करता है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री आवास योजना के एक लाभार्थी से निगम कर्मचारी द्वारा 25 हजार रुपये घूस लेने का मामला भी सामने आया है, लेकिन शिकायत दर्ज होने के बाद भी निगम प्रशासन कार्रवाई करने में असफल रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से मांग की कि आयुक्त की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों के लंबित भुगतानों को तुरंत जारी किया जाए, निगम की सभी लंबित फाइलों को निपटाया जाए और डीज़ल घोटाले तथा रिश्वतखोरी के मामलों की निष्पक्ष जांच जल्द शुरू की जाए। नेता प्रतिपक्ष सोनकर ने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो विपक्ष बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा। पार्षदों ने कहा कि नगर निगम की यह स्थिति जनता के भरोसे को चोट पहुँचा रही है और धमतरी के विकास को गंभीर रूप से बाधित कर रही है। शिकायत करने वालों में उपनेता प्रतिपक्ष विशु देवांगन, पार्षद सूरज गहरवाल, सुमन सोमेश मेश्राम, उमा भागी ध्रुव एवं रामेश्वरी कोसरे शामिल रहे।

