अंबिकापुर: सटोरियों का किंग सत्तीपारा निवासी “आयुष उर्फ दीप सिन्हा” के कारनामें का एक और नमूना सामने आया है। सट्टा किंग दीप सिन्हा के खिलाफ कार्रवाई करने से पुलिसकर्मी डरते क्यों है यहां तक कि दीप के मामले में पुलिस हाथ तक डालने से घबराती है। एक शिकायत पत्र के अध्ययन के बाद इसका पता चलता है।

दरअसल सट्टा सटोरियों और पुलिसकर्मी से जुड़ा एक घटनाक्रम पिछले कुछ दिनों से चर्चा का विषय बना हुआ है। सत्तीपारा निवासी सटोरी सत्यम केसरी ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि आरक्षक प्रवीण सिंह, सटोरी अमित मिश्रा उर्फ पहलू सहित कुछ सटोरी मिलकर महादेव सट्टा बुक अंबिकापुर में चला रहे है। इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। जिसे प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने एक्स(ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया था।

वहीं वीडियो को वायरल करने के पीछे उद्देश्य क्या है। इसकी पटकथा कब लिखी गई। वायरल वीडियो के हथकंडे को सटोरी “अमित मिश्रा उर्फ पहलू” के गिरफ्तारी के बाद क्यों अपनाया गया। इन गंभीर सवालों के जवाब एक शिकायत पत्र के सामने आने के बाद मिलते है। जो सट्टा किंग दीप सिन्हा द्वारा तत्कालीन सरगुजा आईजी से वर्ष 2023 में की है थी।
दरअसल वर्ष 2023 के मध्य महीने में थाना गांधीनगर में एक शिकायत दर्ज होती है। गांधीनगर पुलिस अंबिकापुर में संचालित हो रहे क्रिकेट सट्टा के खिलाफ कार्रवाई करती है। जांच के दौरान सत्तीपारा निवासी आयुष उर्फ दीप सिन्हा का नाम सामने आता है। दीप अपने गुर्गों के साथ क्रिकेट सट्टा का कारोबार करते पकड़ा जाता है। गांधीनगर पुलिस उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करती है। हालांकि इस कार्रवाई में दीप सिन्हा और उसके गुर्गों को जमानत मिल जाती है। यहां से सट्टा माफिया दीप की सिन्हा पुलिसकर्मियों के खिलाफ षड्यंत्र रचना शुरू करता है।

गांधीनगर के तत्कालीन थाना प्रभारी धीरेंद्र दुबे के नेतृत्व में क्रिकेट सट्टा के खिलाफ हुई कार्रवाई से बौखलाया सट्टा माफिया आयुष उर्फ दीप सिन्हा 09.06.2023 को लिखित रूप से तत्कालीन सरगुजा रेंज आईजी को अपने नाम से एक शिकायत पत्र देता है।


दीप सिन्हा आरोप लगाता है कि थाना प्रभारी सहित आरक्षक प्रवीण सिंह, अमृत सिंह,शाहबाज खान, सीनू फिरदौसी, जयदीप सिंह ने पहले उससे रिश्वत की डिमांड की फिर डिमांड पूरी नही होने पर गांधीनगर थाना में दर्ज अपराध क्रमांक:182/23 में उसका नाम जोड़ दिया। वही सट्टा किंग दीप सिन्हा द्वारा पुलिसकर्मियों के खिलाफ की गई शिकायत पर तत्कालीन आईजी ने सभी पुलिस आरक्षकों का तबादला सजा बतौर सरगुजा जिले से बलरामपुर जिला कर दिया गया।
सूत्र बताते है जो वीडियो हालहि में सटोरी सत्यम केसरी का वायरल हुआ उसे सट्टा किंग दीप सिन्हा द्वारा अपने गुर्गों के साथ मिलकर 2023 में ही पुलिसकर्मियों को जाल में फसाने के उद्देश्य से बनवाया गया था। लेकिन तत्कालीन आईजी के द्वारा की गई पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद इस वीडियो को उसे दौरान वायरल नहीं करवाया गया।
वही एक बार फिर थाना कोतवाली अंबिकापुर में सट्टा किंग आयुष उर्फ दीप सिन्हा और उसके गुर्गों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत क्रिकेट सट्टा के मामले में अपराध दर्ज है। इधर सटोरी अमित मिश्रा उर्फ पहलू की गिरफ्तारी होते ही दीप सिन्हा ने एक बार फिर षड्यंत्र रच दिया है।
सूत्र बताते है कि सरगुजा पुलिस को “बैकफुट” पर लाने के लिए सटोरी सत्यम केसरी द्वारा वीडियो बनाकर दिये बयान को लगभग “ढाई साल” बाद दीप सिन्हा के इशारों पर वायरल करवाया गया। यही वजह है कि शायद सरगुजा के पुलिसकर्मी दीप सिन्हा के खिलाफ खुलकर कार्रवाई करने से बचते है। हालांकि अब देखने वाली बात है कि अंबिकापुर कोतवाली में दर्ज अपराध के तहत सट्टा कारोबार का मगरमच्छ आयुष उर्फ “दीप सिन्हा” की गिरफ्तारी कब होती है। फिरहाल दीप सिन्हा फरार है।

